गंगा सरयू में उफान से बाढ़ की संभावना बढ़ी -:
#गंगा के तटीय व दियारा इलाकों के लोगोें की उड़ी नींद-
#दिग्विजय सिंह बब्लू की रिपोर्ट :
डोरीगंज-:
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गंगा और सरयू के जल अधीग्रहण क्षेत्र मे लगातार हो रही बारिश
के कारण जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। जिसके कारण सदर प्रखंड के
दियारा के रायपुर, बिंदगावां, कोटवापट्टी रामपुर तथा बरहारा महाजी पंचायत
के दर्जनों गांवों के ग्रामीण दहशत में है। वहीं तटवर्ती इलाके के
दरियावगंज, महाराजगंज, भैरोपुर, डूमरी, जलालपुर व मुस्सेपुर पंचायत के
तटवर्ती इलाके में खलबली मचा दी है। क्योंकि एनएच-19 के रोड का लेबल ऊंचा
होने तथा खनुआ नाला का वर्षो से उराही नही होने के कारण तटवर्ती इलाके
मेें बाढ का दबाव ज्यादा पड़ने की संभावना है। वहीं दियारा में आरा-छपरा
पुल बनने के बाद गाइड बांध के सहारे जो सड़क बनी है उससे भी बाढ का खतरा
प्रबल हो गया है। पिछले 24 घंटे में गंगा और सरयू के जल स्तर में लगभग 2
मीटर की वृद्धि देखी गयी है और यह वृद्धि लगातार जारी है। इलाकों में
हड़कम्प का कारण उतर प्रदेश के इलाहाबाद, कानपुर, वाराणसी आदि जगहों में
लगातार नदियां बढ रही है। जिसके कारण लोग भयभीत है। गनीमत है कि सोन के
जलस्तर में अभी मामूली वृद्धि हुई है। अगर इन नदियों की तरह सोन भी उग्र
हुई तो भीषण तबाही मच जाएगी और स्थिति संभाले नही संभलेगी।
गौरतबल है कि वर्ष 2016 में बाढ की विभिषिका झेल चुके दियारा व तटीय
इलाके के लोग काफी शशंकित है। क्योंकि उन्हें महीनों शरण स्थलों पर रात
गुजारनी पड़ी थी। वही कई गरीबों के आशियाने व मवेशी बाढ की विभिषिका में
बह गये थे तो कितनी माताओं की कोख भी सुनी हो गयी थी। बाढ के मददेनजर
शरण स्थल का चयन कर लिया गया है। इस सम्बंधित में सदर सीओ पंकज कुमार ने
बताया कि बाढ प्रभावित इलाकों के लोगों के लिए विभिन्न जगहों पर शरण
स्थली बनायी गयी है। जिनमें मुस्सेपुर, डूमरी, एनएच- 19, सिगही, चिरांद
थाना के पास, तपसी सिंह उच्च विद्यालय चिराद, भिखारी ठाकुर आश्रम
कुतुबपुर वही नावों के लिए भी सम्बंधित नाविकों से एकरार नामा किया जा
रहा है।