नगरा प्रखंड के मख़सूसपुर का था निवासी

छपरा। सारण जिले के नगरा प्रखण्ड क्षेत्र के मकसूसपुर निवासी मो. नजबुद्दीन के 33 वर्षीय पुत्र सीआईएसएफ जवान असगर अली उर्फ बबलू को शहादत की खबर मिलते ही गांव में मातमी सानटा पसर गई।बताया जा रहा है कि सीआईएसएफ जवान असगर अली उर्फ बबलू पिछले ही कुछ महीने पहले से कश्मीर में उनकी तैनाती की गई थी।इसके पहले वो दिल्ली में पोस्टेड थे।जहां से हाल ही में उन्हें कश्मीर भेजा गया था। अभी भी उनकी पत्नी और एक तीन वर्षीय पुत्र व 18 माह की पुत्री के साथ दिल्ली में रह रही थी। जवान असगर अलीकी आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद होने की खबर पर दिल्ली में रह रहे परिजन पैतृक घर के लिए दिल्ली से चल दिये हैं,वही शहीद का पार्थिव शरीर भी कश्मीर से सेना के जवान उनके पैतृक गांव खोड़ाईबाग के मकसुसपुर लेकर आ रहे हैं। शहीद का पार्थिव शरीर गुरुवार की देर रात या शुक्रवार की सुबह पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। घटना की जनाकरी होने के बाद परिजनों व आसपास के लोगों में एक तरफ जहा शोक की लहर है, वहीं दूसरी तरफ देश सेवा के दौरान आतंकियों से लोहा लेने के दौरान शहीद होने पर परिवार वाले को गर्व भी है। बताया जा रहा है कि कश्मीर में हुए आतंकियों से मुठभेड़ के दो जवान के शहीद होने के साथ ही कुछ जवानों के घायल होने की सूचना है। जिसमे एक जवान सारण जिले के नगरा प्रखण्ड क्षेत्र के मकसूसपुर निवासी मो. नजबुद्दीन के 33 वर्षीय पुत्र अशगर अली है। शहीद असगर 2011 में बतौर कॉन्स्टेबल बहाल हुए थे और जम्मू कश्मीर में 6 वर्ष रहने के बाद उनकी पोस्टिंग दिल्ली में हो गई थी।इधर फिर से कुछ माह पहले उन्हें कश्मीर में तैनात किया गया था। गाव में शहीद होने की सूचना पर लोग उनके पैतृक घर पर एकत्रित हुए है। शहीद जवान असगर अली के अंतिम दर्शन के इंतजार में लोग जमा हुए है। वही परिजनों ने बताया कि देर रात तक पार्थिव शरीर आने की संभावना है।

रिश्तेदार की शादी में 14 मई को घर आने के लिए कराया था टिकट :

बताया जा रहा है कि सीआईएसएफ जवान असगर अली की साले की शादी इसी मई महीने में होने वाली है।जिसकों लेकर जवान असगर अली ने घर आने के लिए 14 मई को ट्रेन का टिकट बुक कराया था।लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और अब सीआईएसएफ जवान ट्रेन से नहीं आकर सेना के जवान उसके पार्थिव शरीर को तंबू में ला रहे हैं।