तरवारा मोड़ से गोपालगंज मोड़ तक शहर के मुख्य मार्ग के अलावा तरवारा मोड़ से एसएच-73 पर मलमलिया तक मानव श्रृंखला की कतार रही. फिर गोपालगंज मोड़ से एसएच-47 पर गुठनी तक और उत्तर दिशा में एनएच-85 पर जिले के सीमांत गांव छाप तक लोगों ने हाथ से हाथ जुड़ाकर एकता का परिचय दिया और जल जीवन हरियाली को अपने जीवन कर्म में उतारने का संकल्प व्यक्त किया.