एनआरसी के जरिये धार्मिक विद्वेष फैला रही है सरकार : गणेश राम

परवेज अख्तर/सिवान;

बड़हरिया. एनआरसी व सीएए के विरोध में प्रखंड मैदान में सभा की गयी. इसका संचालन करते हुए राजद नेता मो मोबिन अधिवक्ता ने एनआरसी व सीएए को संविधान के विरोध बताया. उन्होंने कहा कि इस धर्मनिरपेक्ष देश में धर्म के आधार पर भेदभाव करना संविधान के खिलाफ है. वहीं सभा की अध्यक्षता भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष प्रदीप सम्राट ने की. सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बसपा नेता गणेश राम ने एनआरसी व सीएए को देश में धार्मिक विद्वेष पैदा करने वाला बताते हुए कहा कि इसकी जद में केवल मुसलमान ही नहीं, हिन्दू भी आने वाले हैं. उन्होंने असम में हुए एनआरपी में कुल 19 लाख लोग चिह्नित किये गए. इनमें 15 लाख हिन्दू शामिल हैं. उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए समाज को उलझाने वाले मुद्दों को आगे ला रही है. उन्होंने कहा कि हमारा समाज सर्वोपरि है. संविधान का ही देन है कि समाज में समानता आयी है. उन्होंने बहुजन समाज का आह्वान करते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों, वंचितों, शोषितों, दलितों आदि के अधिकारों की रक्षा बाबा साहब का संविधान ही कर सकता है. उन्होंने कहा कि संविधान बचेगा तो देश बचेगा. वहीं भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष दीपक सम्राट ने कहा कि सरकार की मंशा इस सेकुलर देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने की है. सरकार हिन्दू राष्ट्र के मनुवादी व्यवस्था सौंपना चाहती है, लेकिन हम अपनी एकजुटता से इस मंशा को सफल नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि सरकार एनआरपी व सीएए के बहाने एससी व एसटी का आक्षरण खत्म करने का प्रपंच रच रही है. यह अंबेडकरवाद व सांवकरवाद के बीच की लड़ाई है. हम लड़ाई को संवैधानिक व गांधीवादी तरीके लड़ेंगे. हमें धैर्य रखने की जरुरत है. इस मौके पर राजद नेता जकरिया खान, भीम आर्मी के जिला उपाध्यक्ष फरहान अहमद, गांधी, अयाज अहमद, इरतिजा इमाम, राजन कुमार आदि मंचासीन थे. इस अवसर पर बड़हरिया, माधोपुर, बहुआरा कादिर, तेतहली, नवलपुर सहित दर्जनों पंचायतों से युवा एकत्रित हुए थे. अधिकांश के हाथों में तिरंगा था. साथ ही, युवा अपने हाथों में ‘संविधान विरोधी कानून वापस लो’, नो एनआरसी, नो सीएए’ नारे लिखे पोस्टर थे.