आन ,बान शान पर लगा प्रश्नचिन्ह 


एनएच 531 पर एकमा चट्टी स्थित किराए के मकान में संचालित है कार्यालय 


देवेन्द्र कुमार सिंह/रसूलपुर/एकमा-भारतीय संविधान में तिरंगा हर हिन्दुस्तानियों के लिए आन, बान और शान का प्रतीक माना गया है जिसे हिन्दुस्तान का हर आम आवाम राष्ट्रीय ध्वज की मान्यता के साथ प्रति वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस व 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय पर्व के रूप में बड़े हीं हर्षोल्लास के साथ मनाता है। इस मौके पर देश की सभी सरकारी व गैरसरकारी संस्थानों में झंडोत्तोलन किया जाता है और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देकर राष्ट्रीय पर्व के रूप में इसे 

 धूमधाम से मनाया जाता है यहाँ तक कि सुदुर देहाती क्षेत्रों के दलित बस्तीयों में सरकारी मुलाजिमों द्वारा भी झंडोत्तोलन कराए जाने का सरकारी प्रावधान है कोविड-19 प्रोटोकोल को नजरअंदाज करके भी क्षेत्र के कई शैक्षणिक संस्थानों में प्रभात फेरी निकाली गयी तो कहीं समारोह भी आयोजित किया गया पर इसके बावजूद सामाजिक कल्याण विभाग के एकमा स्थित समेकित बाल बिकास सेवा परियोजना (सीडीपीओ) कार्यालय में झंडोत्तोलन का ना होना सरकारी आदेश की अवहेलना है तो वहीं राष्ट्रीय ध्वज का अपमान भी है, जो एकमा वासियों को कहीं न कहीं शर्मसार कर रहा है,जो स्थानीय लोगों के लिए चर्चा का बिषय बना है।स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर रोष है।स्थानीय लोगों की माने तो सीडीपीओ महोदया अपनी दबंगई तथा अड़ियल रवैया को लेकर कुछ खास हीं चर्चित हैं जो पटना में हीं रहहर कार्यालय चलाती हैं,विगत स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी सीडीपीओ महोदया ने कार्यालय पर झंडोत्तोलन करना ना तो मुनासिब समझा ना हीं उपस्थिति हीं दर्ज कर पायी पर आनन फानन में एकमा की अंचलाधिकारी कुमारी सुषमा ने बीडीओ सतेन्द्र पराशर, एकमा पुलिस इंस्पेक्टर बालेश्वर राय व डाॅ अमित कुमार बसपा नेता योगेन्द्र शर्मा के साथ मिलकर झंडोत्तोलन किया था व राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी थी।स्थानीय लोगों का मानना है कि सीडीपीओ कार्यालय प्रखंड मुख्यालय परिसर में अवस्थित होता तो तिरंगे को सलामी जरूर दी जाती।इस संबंध में सीडीपीओ रूपम रानी से मोबाइल पर संपर्क साधने का प्रयास किया गया पर संपर्क नहीं हो पाया।