✍न्यूज इनपुट नीरज ठाकुर बेतिया (प०च ) बिहार 👉
अखिल भारतीय विधार्थी परिषद् , नरकटियागंज की इकाई और एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों द्वारा आज दिनांक – 05/06/19 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिकारपुर थाना में श्री उग्रनाथ झा , थाना प्रभारी के नेतृत्व में वृक्षारोपण किया गया और दूसरो को भी लगाने के लिए जागृत किया गया । थानाध्यक्ष ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में 5 जून को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष 1972 में की थी। विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण के संरक्षण के लिए कार्य करने और जागरूकता फैलाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है । इस अभियान की शुरुआत करने का उद्देश्य वातावरण की स्थितियों पर ध्यान केन्द्रित करने और हमारे ग्रह पृथ्वी के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने के लिए लोगों को प्रेरित करना है। यही दिन हमें उज्जवल भविष्य के लिए एक नए सवेरे की आशा देता है। वृक्ष लगाए और जीवन बचाए । अ.भा.वि.प. के नगर उपाध्यक्ष अतुल कुमार ने बताया कि पर्यावरण है हम सबकी जान , इसलिए करो इसका सम्मान । एक पेड सौ पुत्र के समान होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाना चाहिए और दूसरे को जागरूक भी करना चाहिए । पर्यावरण और जीवन का अटूट संबंध है फिर भी हमें अलग से यह दिवस मनाकर पर्यावरण के संरक्षण, संवर्धन और विकास का संकल्प लेने की आवश्यकता है। अतुल कुमार ने बताया कि आज के समय में जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, तापीय प्रदूषण, विकरणीय प्रदूषण, औद्योगिक प्रदूषण, समुद्रीय प्रदूषण, रेडियोधर्मी प्रदूषण, नगरीय प्रदूषण, प्रदूषित नदियां, जलवायु बदलाव, और ग्लोबल वार्मिंग का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसी हालत में हमें इतिहास की चेतावनी ही पर्यावरण दिवस का संदेश देती है। अतुल कुमार ने बताया कि विश्वभर में आम लोगों को पर्यावरण के लिए जागरूक करने, मानव जीवन में स्वास्थ्य और हरित पर्यावरण के महत्व को समझाने और इन सब के लिए प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी को याद दिलाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। जिला संयोजक रौशन कुमार ने बताया कि मानव और पर्यावरण एक दूसरे के पूरक होते है। आधुनिक युग में पर्यावरण को हानि पहुँचाने में औद्योगीकरण तथा जीवनशैली को जिम्मेदार माना जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य मानव और पर्यावरण के बीच के संतुलन को बनाए रखना ही होता है। विश्व पर्यावरण दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रकृति को समर्पित दुनियाभर में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा उत्सव है। समाजसेवी राजू जेन्टलमैन ने बताया कि ईद के मौके पर आज पर्यावरण दिवस एक साथ दो दो महाउत्सव मनाया जा रहा है। जेन्टलमैन ने बताया कि पर्यावरण और जीवन का अटूट संबंध है फिर भी हमें अलग से यह दिवस मनाकर पर्यावरण के संरक्षण, संवर्धन और विकास का संकल्प लेने की आवश्यकता है। इन्होंने बताया कि प्लास्टिक का प्रयोग कम से कम करना चाहिए और अधिक से अधिक पेड लगाकर आनेवाली पीढियों को सुरक्षित करना चाहिए । अर्जुन सोनी ने बताया कि यह अधिनियम 19 नवम्बर 1986 मे लागू हुआ था । इसमे जल भूमि और वायु तीनो से संबंधित कारक मानव , पौधे , सूक्ष्म जीव एवं अन्य जीवित पदार्थ इसके अंतर्गत आते है। मौके पर विधार्थी परिषद् के सूरज कुमार , राहुल कुमार , मोहित कुमार , अंकित तिवारी , मोहित चौरसिया , चंदेश्वर कुमार , बीरेंद्र श्रीवास्तव एवं एस . पासवान थाना स्टाफ की मौजूदगी रही ।





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