*सीवान : बिना स्पष्टीकरण पूछे ही नियोजित शिक्षिका का काट लिया गया तीन दिनों का वेतन*
✍कुमार विपेंद्र
सिवान : ये वाकया है पचरुखी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय घरथवलिया का।यहां पर कार्यरत शिक्षिका सपना कुमारी का तीन दिनों का वेतन काट लिया गया है।
“ना कोई सूचना और ना कोई स्पष्टीकरण सीधी कारवाई।लगता है कि विभाग में कोई नियम कानून ही नहीं है।” ये कहते हुए शिक्षक नेता जयप्रकाश सिंह भड़क उठते हैं,उनका कहना है कि उक्त शिशिका इस वर्ष अप्रैल के मूल्यांकन कार्य में तीन दिन नहीं आईं थीं।जबकि शिक्षिका सपना कुमारी ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की संख्या कम रहने के कारण प्रधानाध्यापक द्वारा मुझे तीन दिन के बाद विरमित किया गया।
जबकि प्रधानाध्यापक संतोष कुमार पांडेय का कहना है कि विद्यालय में कुल आठ कक्षा हैं और पांच शिक्षक हैं।ऐसी परिस्थिति में संकुल समन्वयक का प्रभार देख रहे संचालक महोदय को मुझसे विचार विमर्श कर लेना चाहिए था।जब मैंने उक्त शिक्षिका को विरमित किया तब वे संकुल संसाधन केन्द्र मध्य विद्यालय सुपौली में जाकर योगदान की।लेकिन संकुल संचालक संजीव कुमार ने दुर्भावना से प्रेरित होकर यह कार्य किया है।वे नियोजित शिक्षकों के प्रति दुर्भावना से ग्रसित रहते हैं।क्योंकि कई नियमित शिक्षकों को इन्होंने मूल्यांकन कार्य के नाम पर जमकर छूट दी थी।
इस संबंध में बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ अंचल पचरूखी के सचिव जयप्रकाश सिंह ने कहा कि संकुल संचालक तथा बीईओ पचरुखी की इस मनमानापूर्ण कारवाई पर संघ चुप नहीं बैठेगा।बल्कि अब हल्ला बोल और पोल खोल अभियान शुरू होगा।
हालांकि इस संबंध में पचरुखी बीइओ से बात करने की कोशिश की गई,परंतु उनसे बात नहीं हो पाई।