
सीवान : दरौंदा वि.स. उप चुनाव के तिथि की घोषणा के साथ होने लगी उम्मीदवारों के दावेदारी की चर्चा
✍️परवेज अख्तर/सिवान : बिहार विधानसभा के पांच सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव की घोषणा किये जाने के साथ ही सीवान के दरौंदा में दूसरी बार होने वाले उप चुनाव को लेकर लोगों के बीच उम्मीदवारों और पार्टी से टिकट के प्रबल दावेदारों के बारे में कयास और चर्चाएं लगनी शुरू हो गयी है.जिसमें दरौंदा की जदयू विधायक कविता सिंह के सीवान के सांसद बनने के बाद से खाली हुई इस सीट के लिए भी करीब एक दर्जन उम्मीदवार टिकट की लाइन में लगे हैं और जनता के समक्ष अपनी उम्मीदवारी भी जताना शुरू कर चुके हैं. इस कड़ी में सबसे आगे पूर्व विधान परिषद प्रत्याशी और सीवान नगर परिषद के पूर्व उपसभापति भाजपा नेता कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह हैं. वे पिछले दो माह से क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क कर मतदातओं को अपने पक्ष में गोलबंद कर रहे हैं. उनके समर्थकों की माने तो दरौंदा सीट के खाली होने के बाद से यह कयास लगाया जा रहा है कि भाजपा ने जहां लोकसभा में अपनी सीवान संसदीय सीट को जदयू के पाले में दे दिया वहीं जदयू अब दरौंदा विधानसभा सीट को भाजपा के खाते में देगी. लिहाजा भाजपा की तरफ से कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह उम्मीदवार होंगे. वहीं सूत्रों की माने तो व्यास सिंह की दलीय अथवा निर्दलीय चुनाव मैदान में आने की प्रबल संभावना हैं.
वहीं जदयू की ओर से सबसे प्रबल दावेदारी की बात करें तो एक नंबर में वहां के पूर्व विधायक और सीवान सांसद कविता सिंह के पति अजय सिंह का नाम आ रहा है .लेकिन अजय सिंह के ऊपर दर्ज आपराधिक मुकदमों जिनके कारण उन्हें लोस चुनाव में टिकट नहीं मिला था.जिससे बीके सिंह के समर्थक बीके सिंह को जदयू के प्रबल टिकट का दावेदार मान रहे है।बता दे कि दरौंदा विस के लिए यह दूसरी बार उप चुनाव हो रहा है. इसके पहले दरौंदा की तत्कालीन जदयू विधायक जगमातो देवी के निधन के कारण भी उप चुनाव हुआ था. उस समय भी स्व जगमातो देवी के पुत्र अजय सिंह पर आपराधिक मुकदमों की वजह से पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया. तब अजय सिंह को आनन- फानन में कविता सिंह से शादी रचानी पड़ी थी, तब जाकर कविता सिंह को जदयू ने टिकट दिया और वे उप चुनाव में विजयी भी हुई.
उधर, महागठबंधन की बात करें तो महागठबंधन की तरफ से सुभाष कुमार शाही उर्फ मुन्ना शाही का राजद प्रत्याशी के रूप में प्रबल दावेदारी है. जबकि इंजीनियर शैलेंद्र यादव, उमेश सिंह और जिला परिषद उपाध्यक्ष बृजेश सिंह भी टिकट की दावेदारी में हैं. इनके अलावा आनंद सिंह, विजय सिंह कुशवाहा व शारदा रमण द्विवेदी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खड़े हो सकते हैं. दूसरी ओर जिले में पूर्व राजद सांसद प्रभुनाथ सिंह के करीबी माने जाने वाले युवा व्यवसायी विकास कुमार सिंह उर्फ जिसु सिंह के नाम की भी जोरो की चर्चा है. अब देखना होगा कि कौन सी पार्टी किसे टिकट देकर चुनाव मैदान में अपना उम्मीदवार बनाकर खड़ा करती है.गौरतलब है कि दरौंदा विधानसभा के लिए होने वाले उप चुनाव की तिथि 21 अक्टूबर और मतगणना की तिथि 24 अक्टूबर निर्धारित की गई है, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 30 सितंबर है. वहीं स्क्रुटनी एक अक्टूबर और नाम वापसी की तिथि तीन अक्टूबर है. चुनाव की तिथि घोषित होने के साथ ही क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गयी है. इस उप चुनाव में एक उम्मीदवार अपने चुनाव प्रचार में अधिकतम 28 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं.




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