सारण :नौ दिवसीय श्री हनुमते प्राण प्रतिष्ठा सह हनुमते महायज्ञ की पुर्णाहुति
👉कृष्ण सुदामा की मैत्री सबों के लिए अनुकरणीय – अराधना मिश्रा

डोरीगंज –
सदर प्रखण्ड के पश्चिमी बलुआ गाँव मे आयोजित नौ दिवसीय श्री हनुमते प्राण प्रतिष्ठा सह हनुमते महायज्ञ के अन्तिम दिन पुर्णाहुति के अवसर पर अपने प्रवचन मे अराधना मिश्रा ने कहा कि कृष्ण सुदामा की मैत्री सबों के लिए अनुकरणीय है ।
उन्होंने ने कहा कि अपने बचपन के दोस्त सुदामा जब गरीबी से परेशान होकर पत्नी के कहने पर भगवान श्री कृष्ण से मिलने दिनहीन अवस्था मे मथुरा पहुँचते है और फटे पुराने कपड़े को देख दरवान उन्हे अन्दर जाने से रोकते है और जिद करने पर इसकी सुचना श्री कृष्ण के पास पहुँचाते है कि कोई सुदामा नाम का एक आदमी आपसे मिलना चाहता है जो अपने को आपका मित्र बता रहा है जिसके बाद भगवान की स्थिति देखने लायक होती है । वे बिना एक पल बिताए भागे भागे अपने मित्र के पास पहुँच गले से लगा राजमहल लाते है और अपने सिंहासन पर सुदामा को बैठाकर उनका सत्कार करते है जिसे देख राजभवन मे मौजुद सभी लोग भौचक हो जाते है कि आखिर इस दीनहिन इस व्यक्ति से इनका क्या संबंध जो इतना व्याकुल हो गए भगवान ।

इस आचरण के माध्यम से भगवान ने मित्रता के अहमियत को प्रदर्शित किया है एवं एक सीख दी है कि मित्रता मे उँच नीच, छोटे बड़े , अमीर गरीब का भेद नही होता । मित्र की जगह ह्रदय मे होती है ।
प्रवचन कार्यक्रम के बाद सुमित्रा शास्त्री द्वारा राम विवाह प्रसंग की समाप्ति की गयी एवं उसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे हजारों लोगो ने प्रसाद ग्रहण किया ।
यज्ञ मे स्थानीय मुखिया मुन्ना कुमार , ओमप्रकाश राय, सर्वानन्द राय , जितेन्द्र राय, लक्ष्मण राय , विनोद राय , भुषण राय , अनिल सिंह सहित समस्त ग्रामीणों ने अपना सहयोग प्रदान किया ।
रात्री मे सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है ।




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