सारण :दस दिवसीय भागवत कथा व योग विज्ञान शिविर का समापन

कोपा – स्थानीय थाना क्षेत्र के अनवल पंचायत भवन के प्रांगण में 10 दिवसीय योग शिविर एवं भागवत कथा का समापन हवन यज्ञ एवं भंडरा के साथ हुआ ।इस अवसर पर गोविंद जी महाराज ने भागवत कथा के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण एवम शुकदेव जी का अंतिम उपदेश सुनाया ।महाराज जी ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को भगवान को प्रसन्न करने के लिए अपने सम्पूर्ण कर्म ,यज्ञ ,तप ,व्रत ,आदि श्रीकृष्ण के लिए ही करना चाहिए ।क्योंकि सम्पूर्ण कर्मो के साक्षी एवम द्रष्टा श्री कृष्ण ही है ।जब मनुष्य का अंतिम समय आये तो घबराये नही अपने समस्त इन्द्रियों को रोककर अपने आत्मा के स्वामी श्री कृष्ण का चिंतन करना चाहिए ।शुकदेव जी महाराज के उपदेश के अनुसार राजा परीक्षित ने अंत समय मे अपने इन्द्रियों को रोककर श्री कृष्ण का चिंतन ,ध्यान ,स्मरण करते हुए अपने पंचभौतिक शरीर को त्याग कर श्री के परमधाम और अपने निजस्वरूप को प्राप्त कर लिए।राजा की मुक्ति देखकर ब्रह्माजी और ऋषियो ने एहि निश्चय किया कि कलयुग में मनुष्य को अपने सम्पूर्ण कामनाओं की पूर्ति और आत्मा के उद्धार हेतु भागवत कथा का ही आश्रय लेना चाहिए।