सारण की सियासत में वोटों की बारिश से भाजपा-राजद समर्थकों की धड़कने हुयीं तेज

👉मनोकामना सिंह/प्रबंध संपादक , दैनिक खोज खबर

छपरा : सारण में मतदान तो समाप्त हो गया , लेकिन वोटों की बारिश ने मतगणना के पहले समर्थकों से फीडबैक लेकर कार्यकर्ता जीत-हार के गणना में व्यस्त हैं ।संसदीय चुनाव 2014 में 53.86 के मुकाबले इसबार 2019 में 58.14 प्रतिशत मतदान हुआ हैं । बढ़े मत प्रतिशत में छपरा , सोनपुर औऱ परसा विधानसभा क्षेत्र आगे रहा जबकि पिछले चुनाव प्रतिशत के आसपास मढौरा औऱ अमनौर रहा । वहीं गड़खा का मतदान प्रतिशत लगभग तीन प्रतिशत नीचे चला गया । इसलिए ये संसदीय क्षेत्र के बढ़े औसत मतदान औऱ अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत का उतार-चढाव क्या गुल खिलाएगा , ये तो 23 मई को ही पता चल पाएगा । फिर भी मतगणना तक लोगों का निजी गणना चलाती रहेगी । एक बात तो निश्चित ही लग रहा हैं कि बाहर-बाहर जो दिखावा हो लेकिन भाजपा व राजद के प्रत्याशियों के 2019 के संसदीय चुनाव में बना भाजपा -राजद के आमने-सामने की दंगल ने पहले प्रत्याशियों की नींद उड़ा दी औऱ वहीं मतदान के दिन 2014 के मुकाबले इस बार के चुनाव में प्रतिकूल मौसम में वोटों की बारिश ऐसी हुई की मतदान का प्रतिशत साढ़े चार फसीदी उपर चला गया । इससे भाजपा-राजद के आमने-सामने की प्रतिद्वंदिता में परिणाम को लेकर चर्चाएं सभी संभावनाओं को तलाशने पर मजबूर कर दे रहा हैं।

👉क्या जदयू के वोट को मैजिक वोट माना जा सकता हैं !
सारण के संसदीय चुनाव का पिछली बार का चुनाव देखा जाय तो राजद के खेल को बिगाड़ देने के लिए जदयू प्रत्याशी सलीम परवेज का एक लाख सात हजार वोट माना जा रहा था । जहां त्रिकोणीय लड़ाई बनने से राजद प्रत्याशी राबड़ी देवी को भाजपा प्रत्याशी राजीव प्रताप रूडी से शिकस्त खानी पड़ी थी । वहीं इस बार जदयू का भाजपा से गठबंधन औऱ पिछली बार के जदयू प्रत्याशी सलीम परवेज का राजद से गठजोड़ दोनों खेमे को बराबरी का समीकरण बना दिया औऱ आमने-सामने की कांटे की टक्कर चुनाव में दिखा । भाजपा से पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी अपनी जीत का चौका लगाने के लिए मैदान में डटे हैं , वहीं राजद का नया प्रत्याशी चंद्रिका राय ने रूडी के जीत के चौका को रोकने के लिए मैदान में पसीना बहा रहे थे । भाजपा-राजद में जिसका जहां समर्थक वहां उसी का पलड़ा भारी रहा । इसलिए दोनों दल अपने जीत के प्रति आश्वस्त लग रहे हैं । फिर भी वोटों की बारिश को किसके पक्ष में माना जाय , क्योंकि भाजपा का पिछली चुनाव की अपेक्षा कोई वोट का समीकरण टूटा नहीं, वहीं राजद के पक्ष में इस बार कोई वोट का नया समीकरण जुड़ा नहीं । इसलिए कोई नया चुनाव परिणाम आ जाए , इसकी उम्मीद कम ही दिख रहा हैं । जबकि राजद का नया प्रत्याशी चंद्रिका राय को लालू-राबड़ी के वोट बैंक का ही आसरा था । परसा विधानसभा क्षेत्र से छः बार विधायक व कई बार मंत्री रहनें के बावजूद भी अपनी करिश्मा पूरे संसदीय क्षेत्र में नहीं दिखा । इसकी मुख्य वजह केवल परसा विधानसभा क्षेत्र में ही अपनी राजनितिक पहचान सीमित कर के रखा था । अब चुनाव की प्रक्रिया में मतदान संपन्न हो गया हैं औऱ 23 मई को परिणाम ही सभी अटकलों पर विराम लगा सकता हैं ।

👉सारण सीट पर वोटों का समीकरण-

सारण संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में इस बार के चुनाव में 16 लाख 88 हजार 942 मतदाता वोट डालेंगे। इनमें कुल 22097 दिव्यांग मतदाता भी शामिल हैं। वीवीआइपी मतदाताओं की संख्या 59 है। कुल मतदाताओं में करीब 8.95 लाख पुरुष तथा 7.85 लाख महिला वोटर हैं।

👉2014 चुनाव के चुनाव में भाजपा को मिला जनादेश –

2014 में सारण सीट से बीजेपी के उम्मीदवार राजीव प्रताप रुडी जीते थे।रुडी ने लालू यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी को हराया।चारा घोटाले में सजा होने के बाद लालू यादव की सदस्यता छीन जाने के बाद राबड़ी देवी सारण से चुनाव मैदान में उतरी थीं लेकिन मोदी लहर में जीत बीजेपी के हाथ लगी। राजीव प्रताप रुडी को 3,55,120 वोट मिले थे. जबकि राबड़ी देवी को 3,14,172 वोट. जेडीयू के सलीम परवेज 1,07,008 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे।

इससे पहले 2009 के चुनाव में सारण सीट से आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव जीते थे। लालू यादव को 2,74,209 वोट मिले थे जबकि राजीव प्रताप रुडी को 2,22,394 वोट। सलीम परवेज तब भी तीसरे नंबर रहे थे लेकिन उस समय वे बसपा के टिकट पर उतरे थे। उन्हें 45,027 वोट मिले थे।