सारण :आर एस ए ने वित्तीय अनियमितता के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन पर किया पलटवार

छपरा (वि वि) :छात्र संगठन आर एस ए ने जे पी विश्वविद्यालय में 30 करोड़ रु की वितीय गड़बड़ी का मामला उठा कर एक प्रेस कॉफ्रेंस किया था।इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय के तरफ से जोड़दार खंडन किया गया था।और यह कहा गया था कि यह सब विश्वविद्यालय को बदनाम करने के लिए किया जा रहा।अब छात्र संगठन आर एस ए ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर पलटवार किया है।आर एस ए के प्रवक्ता भूषण सिंह ने वार्ता के क्रम में कहा कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय में हुए महाघोटाले के उजागर होने के बाद बहुत लोगों ने संगठन के तथ्य पर उंगली उठाए थे । बिहार सरकार के द्वारा जो पेमेंट भेजा गया है वो शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए हैं उसमें स्पष्ट रूप में लिखा गया है कि कालबद्ध पदोन्नती 1995 के बाद नहीं दिया जाएगा । जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अधिकतर कर्मचारी 1995 के बाद के ही है।फिर उनको कैसे कालबद्ध पदोन्नती दी गई । अनुकंपा पर बहाल लगभग सारे कर्मचारियों को कालबद्ध पदोन्नती देकर एसीपी/एमसीपी का लाभ दिया गया है । जो सरकार और विश्वविद्यालय कानून के खिलाफ है सरकार के द्वारा स्पष्ट रूप से 10 मार्च 2018 को पत्र निर्गत किया गया है कि किसी भी कीमत पर कालबद्ध पदोन्नती 1995 के बाद नहीं दी जा सकती है। बिना वेतन कोषांग से सत्यापित कराएं हुए पेमेंट किया ही नहीं जा सकता है। इस पत्र से स्पष्ट है कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय में घोटाला प्रमाणित हो गया है नैतिकता के आधार पर कुलपति प्रति कुलपति कुलसचिव को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए ।इस पत्र को देखने के बाद आधार ही नहीं बचता विश्वविद्यालय के पास कि इस घोटाले पर कुछ बोल सकें कुछ लोगों ने कहा कि विश्वविद्यालय को बदनाम करने के लिए गलत तथ्य पेश किए गए लेकिन जो सरकार का पत्र है इसके बाद कुछ बचता ही नहीं है।