
संजय विजित्वर (हाजीपुर) । समाजसेवी राजेन्द्र प्रसाद सिंह की श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर याद किया गया और उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की गई। राजेश्वर प्रसाद सिंह एक आदर्श व्यक्ति और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत थे ।भारतीय साहित्य परिषद् के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सह योगगुरु डॉ. महेन्द्र प्रियदर्शी ने कहा कि राजेश्वर बाबू आज सशरीर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका आदर्श और उनकी प्रेरणा समाज और युवा पीढ़ी के जीवन पथ को सदैव आलोकित करती रहेगी।
स्वामी विवेकानंद सामाजिक शोध संस्थान, बिहार के तत्वावधान में पानापुर गौराही, हाजीपुर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर प्रसिद्ध समाजसेवी राजेश्वर प्रसाद सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा की अध्यक्षता डॉ. दामोदर प्रसाद सिंह ने की जबकि संचालन भाजपा नेता डॉ. अजीत कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर पहुंचे विशिष्ट अतिथि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सह जिला पार्षद् मनीन्द्र नाथ सिंह एवं उपस्थित लोगों ने राजेश्वर प्रसाद सिंह के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर नम आंखों से श्रद्धा- सुमन अर्पित किया।
श्रद्धांजलि सभा में डॉ. अजीत कुमार ने कहा कि अति सम्मानित हम सबों के अभिभावक राजेश्वर बाबू एक कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार व्यक्ति थे, जिनकी निष्ठा और सेवा का मिसाल समाज के सामने है। सीए विमल कुमार ने कहा कि राजेश्वर बाबू ने जीवन के अंतिम क्षण तक कर्मयोगी की तरह अपने कर्तव्यों का निर्वहन और पालन करने में कोई कोताही नहीं की। अरुण कुमार सिंह ने राजेश्वर प्रसाद सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। प्रेमजीत सिंह पप्पू ने कहा कि माली की तरह प्रेम, शिक्षा और संस्कार से परिवार रुपी बगिया को सीचते हुए बाबूजी इतना जल्द साथ छोड़ जाऐंगे, विश्वास नहीं होता। अमरनाथ सिंह ने कहा कि राजेश्वर चाचा हमेशा समाज में समरसता कायम करते रहे और एक सफल पंच की भूमिका में न्याय करते रहे।
श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के जिला मंत्री राहुल कुमार, पतंजलि के शैलेंद्र कुमार, अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा, रंजन कुमार सिंह, ठाकुर सोनू कुमार सिंह, राजीव कुमार गोल्टू , इंद्रजीत सिंह सप्पू, विश्वजीत सिंह बबलू, शिवम कुमार ने भी अपनी संवेदना एवं श्रद्धा -सुमन अर्पित करते हुए कहा कि बाबू राजेश्वर सिंह समाज सेवा के क्षेत्र में सदैव अपने कर्तव्य पथ पर डटे रहे और जीवन पर्यन्त समाज और मानवता की सेवा करते हुए कैंसर बीमारी से स्वर्ग सिधार गये।इस अवसर पर दो मिनट का मौन रख कर राजेश्वर प्रसाद सिंह की आत्मा की शांति और सद्गति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।




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