☀लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
☀47 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य
☀ कुल 4521 आशाएँ घर-घर जाकर लोगों को खिलाएंगी दवा
☀कार्यक्रम के लिए 2262 टीम का हुआ गठन

✍️परमार मीडिया नेटवर्क

समस्तीपुर/ 28 सितंबर: फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिला सहित अन्य प्रखंडों में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम(एमडीए) की शुरुआत की गयी। इस अवसर पर जिला सदर अस्पताल में जिला सिविल सर्जन के साथ अन्य जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने फाइलेरिया की दवा सेवन कर कार्यक्रम की आधिकारिक शुरुआत की। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने फाइलेरिया पर जागरूकता बढ़ाने के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया.
सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने बताया जागरूकता रथ जिले के सभी प्रखंडों में घूम-घूम कर लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करेगी. उन्होंने बताया फाइलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में अगले 14 दिनों तक सर्व जन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा घर-घर जाकर 2 साल से अधिक उम्र के लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी। फाइलेरिया एक गंभीर रोग है जिसे फाइलेरिया की दवा सेवन से ही बचा जा सकता है। कभी-कभी फाइलेरिया के परजीवी शरीर में होने के बाद भी इसके लक्ष्ण सामने आने में वर्षों लग जाता है। इसलिए फाइलेरिया की दवा का सेवन सभी लोगों के लिए लाभप्रद है। उन्होंने बताया लोग खाली पेट दवा का सेवन नहीं करें। उन्होंने बताया 2 साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रोग से ग्रसित एवं गर्भवती महिला को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार ने बताया कि जिले में लगभग 47.12 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अभियान के कुशल क्रियान्वयन के लिए दो आशाओं की एक टीम बनाई गयी है। जिसमें कुल 4521 आशाओं की नियुक्ति की गयी है। तथा 2,262 टीम का गठन किया गया है ।आशाओं के कार्यों के पर्यवेक्षण के लिए आशा पर्यवेक्षकों की तैनाती की गयी है। साथ ही ड्रूग सुपरवाइजरों को अभियान के बेहतर अनुश्रवण की ज़िम्मेदारी दी गयी है।

👉ऐसे खानी है दवा :

इस अभियान में डीईसी एवं एलबेंडाजोल की गोलियाँ लोगों की दी जाएगी। 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष से अधिक लोगों को डीईसी की तीन गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी. एलबेंडाजोल का सेवन चबाकर किया जाना है.

👉जन-जागरूकता पर बल :

अभियान के विषय में जन-जागरूकता बढ़ाने में जीविका, पंचायती राज विभाग एवं शिक्षा विभाग के साथ पीसीआई की अहम भूमिका होगी। जिले में गठित स्वयं सहायता समूहों में जीविका कार्यकर्ता अभियान के दौरान फाइलेरिया दवा के बारे में लोगों को अवगत कराएंगी। साथ ही यह सुनश्चित कराएंगी कि अभियान में दवा का सेवन शत-प्रतिशत हो।

👉क्या है फाइलेरिया:

इसे हाथीपावं रोग के नाम से भी जाना जाता है. बुखार का आना, शरीर पर लाल धब्बे या दाग का होना एवं शरीर के अंगों में सूजन का आना फाइलेरिया की शुरूआती लक्ष्ण होते हैं. यह क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से फैलता है. आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लसिका (लिम्फैटिक) प्रणाली को नुकसान पहुँचाता है. फाइलेरिया से जुडी विकलांगता जैसे लिंफोइडिमा( पैरों में सूजन) एवं हाइड्रोसील(अंडकोश की थैली में सूजन) के कारण पीड़ित लोगों को इसके कारण आजीविका एवं काम करने की क्षमता प्रभावित होती है.

मौके पर पीसीआई के जिला समन्वयक संदीप कुमार, मलेरिया इंस्पेक्टर मो.नौशाद, जिला स्वास्थ समिति के डीपीएम एसके दास, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सलाहकार संतोष कुमार आदि उपस्थित थे।