सतत जीवकोपार्जन से महिलाए बन रही है स्वावलम्बी

बनियापुर (सारण) प्रखंड में जीविका के अंतर्गत सतत जीवकोपार्जन योजना से महिलाए हो रही है।प्रखड में जीविका के द्वारा चलाई जा रही अनोखी योजना जिसमे हर वर्ग के गरीब महिलाए जिनका कोई आश्रय न हो बेरोजगार हो ,विधवा,आय का स्रोत न हो उन्हें जीविका के द्वारा आत्म निर्भर बनने के लिए छोटी मोटी व्यवसाय कर रोजगार से जोड़ा जा रहे।जिससे दर्जनों महिलाए लाभान्वित हो रही है।
जीविका के पदाधिकारियो में डीआरपी नीरज कुमार डिस्ट्रिक्ट नोडल विवेक तमेंचिकर वीपीएम रेखा कुमारी बीआरपी मोहम्मद परवेज आलम एमआरपी सुकेश कुमार ने बताया कि प्रखड में जीविका के 92 समूह है ।जिनमे 24 महिलाओ को स्वरोजगार हेतु आत्म निर्भर बनाने के लिए उन्हें छोटी व्यवसाय से जोड़ा जा चूका है। 17 दुकाने खुल चुकी है जिनसे महिलाए लाभान्वित हो रही है।जीविका से वैसी महिलाओ हर वर्ग की महिलाओ को जोड़ा जा रहा है जो विधवा विकलांग अत्यंत गरीब है।एसटी एससी व् पिछड़ी जाति को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।इस अनोखी योजना में तारी दारू का काम छोड़कर जुड़ने वाली महिलाओ को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।जो इस पेशा को छोड़कर बेरोजगार हो गयी है।ग्राम संगठन के माध्यम से चयन कर उन्हें स्वरोगार बनाया जाता है।इस तरह प्रारम्भ में 20 हजार फिर 30 हजार फिर 50 हजार रुपया से एक लाख तक ऐसे रोजगार के लिए जीविका स्वावलम्बी बनने के लिए राशि मुहैय्या करती है।वही हर माह एक हजार रुपये देख रेख के लिए राशि सतत जीवकोपार्जन के लिए दी जाती है।सतत जीवकोपार्जन योजना से लाभान्वित महिला उर्मिला देवंती देवी प्रभावती देवी लालमुन्नी कुंवर अनीता देवी उर्मिला कुंवर लीलावती कुंवर हिराझरी कुंवर ने बताया की जब जीवन की कठिन दौड़ से गुजर रही थी तो जीविका के इस योजना ने जीने की उम्मीद जगाई और छोटे छोटे बच्चों के भरण पोषण के लिए चेहरे पर मुस्कान दिया।
गौरतलब है कि इस योजना में चयनित महिलाओ का क्षमता बर्धन के लिए एक सामुदायिक साधन सेवी उपलब्ध कराया जाता है वही प्रशिक्षित कर स्वरोजगार के आयाम से जोड़ा जाता है।इससे गरीब बेबश परिवारो को रोजगार के अवसर प्रदान किया जा रहा है।




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