शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी- शांडिल्य

जीवन विज्ञान शिविर संस्कार निर्माण की प्रक्रिया है शांडिल्य

फतेहपुर /शेखावाटी(राजस्थान) ( 5 जुलाई 2019) : जीवन विज्ञान शिविर विद्यार्थियों में संस्कार निर्माण की शिविर है शिक्षा के साथ साथ संस्कार निर्माण जरूरी है उक्त बातें शिविर के संयोजक व नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राजस्थान प्रभारी सतीश शांडिल्य ने फतेहपुर शहर के इंडियन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रार्थना सभा कैंपस में शिविर के संबोधन में अपना वक्तव्य दे रहे थे इन्होंने स्वास प्रेक्षा महाप्राण ध्वनि का प्रयोग कराया वहीं प्रार्थना सभा का ताड़ासन संपाद आसन का प्रयोग कराया शांडिल ने बताया कि प्रार्थना याचना नहीं है प्रार्थना परंपरा का निर्वाह नहीं है बल्कि अंतरात्मा की अभिव्यक्ति है प्रार्थना सभी धर्मों एवं संप्रदायों में है उन्होंने कहा कि व्यक्ति आकाश में उड़ना सीख गया समुद्र में तैरना सीख गया लेकिन घर के आंगन में कैसे रहना चाहिए या नहीं सीख पाया अनुव्रत जीवन विज्ञान अकादमी के संयोजक सतीश शांडिल्य ने अनुव्रत वर्गीय नियम का सभी को संकल्प कराया अनुव्रत जीवन विज्ञान शिविर की अध्यक्षता एवं सानिध्य प्रधानाचार्य बी यस चौधरी ने किया उन्होंने कहा कि आपका जैसा बालक होगा वैसा ही राष्ट्र होगा स्वास्थ्य बालक से ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है और वह अनुव्रत और जीवन विज्ञान शिविर के माध्यम से संपन्न हो सकता है शिविर संयोजक सतीश शांडिल्य ने शिक्षाविद प्रधानाचार्य बीएस चौधरी को अनुव्रत विशारद साहित्य देकर सम्मानित किया स्कूल के पीटीआई ने आभार जताया व अनुव्रत गीत से शुरू हुई इस कार्यक्रम के अवसर बनवारीलाल रेवाड़, मेवा राम मार वाल व विद्यालय परिवार के सभी स्टाफ, छात्र-छात्रा संसद एवं शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे तथा जीवन विज्ञान क्लब छात्र-छात्रा संसद की गठन करने की घोषणा की गई कार्यक्रम शानदार रहा।

समाचार संकलन / कुमुद रंजन सिंह