विश्व का कल्याण अणु बम से नहीं अणुव्रत से होगा: शांडिल्य

समाचार संकलन : कुमुद रंजन सिंह

रामगढ़ (शेखावाटी), 8 जुलाई : अणुव्रत का मतलब होता है छोटे-छोटे व्रत एवं छोटे-छोटे संकल्प से कोई भी व्यक्ति आगे बढ़ सकता है। उक्त विचार आचार्य महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर एक दिवसीय अणुव्रत जीवन विज्ञान शिविर के अवसर पर निकटवर्ती ग्राम गरंडवा के राजकीय उत्कृष्ट प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देते हुए आचार्य महाप्रज्ञ अहिंसा प्रशिक्षण पुरस्कार प्राप्त अहिंसा प्रशिक्षक व नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राजस्थान प्रभारी पत्रकार सतीश शांडिल्य बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सही होगा तो राष्ट्र भी स्वस्थ होगा इस अवसर पर श्वास प्रेक्षा एवं विविध आसनों का प्रयोग कराया। आचार्य महाप्रज्ञ एवं आचार्य महाश्रमण के अवदान पर प्रकाश भी डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक नीतीश कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण से जो परिवर्तन होगा वह भाषण से संभव नहीं है। उन्होंने देश में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई तथा विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ साथ संस्कार पर भी बल दिया और कहा कि बालक शिक्षित होगा तो राष्ट्र भी शिक्षित होगा। विद्यालय के शिक्षक तथा स्काउट सचिव ईश्वर सिंह नेहरा ने कहा की प्रयोग को जीवन में करते रहना चाहिए। शरीर के लिए योग, पेट के लिए उद्योग और आपस में कैसे रहें इसके लिए सहयोग जरूरी है। भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की संस्कृति रही है ग्रामीण अंचल में यह प्रशिक्षण चलाना गौरव की बात है क्योंकि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। गांव के विकास से ही राष्ट्र का विकास संभव है। उन्होंने बढ़ते हुए व्यसनों एवं फैशन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। अवसर पर गांव के अनेक नागरिक, सभी स्टाफ सदस्य एवं छात्र-छात्रा संसद मौजूद रहे। इस मौके पर जीवन विज्ञान क्लब छात्र-छात्रा संसद के गठन की घोषणा की गई।