घटना से बेसुध पड़े परिजन

वार्ड सदस्य के पति की टांगी और फरसा से काटकर हुई हत्या

👉छेड़खानी को लेकर हुई थी विवाद

भोरे/गोपालगंज:- स्थानीय थाने के रामनगर गांव में रविवार की देर रात को छेड़खानी को ले हुए विवाद में वार्ड सदस्य के पति की टांगी और फरसा से मारकर हत्या कर दी गई।इस दौरान बचाने आए दो और लोगों की भी मारकर जख्मी कर दिया गया। मृतक हुस्सेपुर पंचायत की वार्ड सदस्या सुनैना देवी का पति 44 बर्षीय सुरेंद्र राम है।इस मामले को लेकर मृतक के छोटे भाई रमन राम ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में कहा गया है कि रमन राम की पत्नी कृष्णावती देवी और उसकी भाभी सुनैना देवी रविवार की रात करीब आठ बजे शौच के लिए घर से बाहर जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते मे नागेंद्र राम दोनों से छेड़खानी करने लगा।किसी तरह बचकर दोनों घर आईं और परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी। परिजन नगेंद्र राम के घर पूछने जाने ही वाले थे कि इसी बीच नागेंद्र राम, कमल राम, रुमन देवी, राबड़ी देवी, विद्यासागर राम और नेता राम फरसा, टांगी और लाठी- डंडा लेकर आए और आते ही सुरेंद्र राम को निशाना बनाकर फ़रसा और टांगी से हमला कर दिए।सुरेंद्र राम को बचाने के लिए उनका पोता लालू राम और छोटा भाई रमन राम आए तो उनको भी मारपीट कर घायल कर दिया गया। इसके बाद परिजन सुरेंद्र राम को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल भोरे ले गए, जहां से डॉक्टरों ने उनकी चिंताजनक स्थिति को देखते हुए गोपालगंज रेफर कर दिया। लेकिन गोपालगंज ले जाने के दौरान लखरांव बगीचे में ही उनकी मौत हो गई।इस मामले को लेकर रमन राम के बयान पर हत्या के प्रयास की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि सुरेंद्र राम पर जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगाते हुए थाना में आवेदन दिया गया था।जिसके आधार पर धारा 307 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।अब सुरेंद्र की मौत हो गई है,तो हत्या की धारा भी जोड़ दी जाएगी।

परिजनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

सुरेंद्र की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर कर बुरा हाल हो गया है।तीन बाल- बच्चों में अभी तक किसी की भी शादी नहीं हुई है। परिवार की गाड़ी अब कैसे चलेगी यह चिंता की पत्नी सुनैना देवी को सता रही है।एक मात्र बेटी सुमन की शादी कैसे होगी इसकी चिंता की मां को हो रही है। सुरेंद्र राम के दो पुत्र 17 बर्षीय प्रदीप राम और 13 बर्षीय यशप्रीत राम हैं। वे भिवअभी कुछ करने लायक नहीं हैं। परिवार को चलाने का बोझ छोटे-छोटे बच्चों पर आ पड़ा है।पत्नी सुनैना देवी और बेटी सुमन कुमारी बार-बार रोते-रोते बेहोश हो जा रही थीं। वही दोनों बच्चे भी बिलख रहे थे। माता सुनैना देवी किसी तरह से बच्चों को सांत्वना देने का प्रयास कर रही थी।वही उसके पड़ोसी और नाते रिश्तेदार भी सोमवार की सुबह पहुंच गए।वे लोग भी सुनैना देवी और बच्चों को ढांढस बंधा रहे थे।