पुस्तक लोकार्पण करते अतिथिगण

पत्रकार प्रभात किरण हिमांशु की पुस्तक ‘सुकुरती’ का हुआ विमोचन, हिमांशु ने नारी शक्ति को समर्पित की अपनी पहली पुस्तक

वर्तमान पीढ़ी की रुचि लेखन व साहित्य में होना एक सुखद अनुभूति: इंदु प्रसाद

छपरा, 18 अक्टूबर।
पत्रकार, कवि व लेखक प्रभात किरण हिमांशु की पुस्तक ‘सुकुरती’ एक अनोखा संबंध का लोकार्पण समारोह शहर के शैलफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल के प्रांगण में आयोजित किया गया. नारी शक्ति को समर्पित इस आयोजन का उद्घाटन वरिष्ठ समाजसेवी इंदु प्रसाद, सिस्टर ज्योति, शिक्षाविद प्रीति सिंह, अर्चना श्रीवास्तव, रश्मि बाला व पंखुड़ी श्री ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. अतिथियों के स्वागत के उपरांत पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया गया.

इंदु प्रसाद ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी की रुचि लेखन व साहित्य में होना एक सुखद अनुभूति है. हिमांशु ने भी अपनी पुस्तक के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं के विभिन्न पहलुओं को बेहतर दृष्टिकोण के साथ कलमबद्ध किया है. सिस्टर ज्योति ने कहा कि साहित्य से व्यक्ति की चेतना का विकास होता है. अर्चना श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक कवि और लेखक समाज को नयी दिशा देते हैं. हिमांशु भी अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को प्रेरित कर रहे हैं.

शिक्षाविद प्रीति सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने विचारों को साझा किया. वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश रंजन ने कहा कि लेखक व पत्रकार समाज का मजबूत स्तंभ है. राकेश कुमार, अमितेश कुमार, शत्रुघ्न श्रीवास्तव, सुशील कुमार, संकेत किरण अंशु, नवीन कुमार, दीप्ति व अनामिका ने भी अपने विचार रखे.

लेखक हिमांशु ने कहा क मेरी पुस्तक ‘सुकुरती’ एक अनोखा संबंध सिर्फ पन्नों और स्याही का संग्रह नहीं है, यह एक बेज़ुबान जीव और इंसान के बीच पनपे उस निश्छल, पवित्र और अटूट रिश्ते की कहानी है, जिसे हम अक्सर रोजमर्रा की भागदौड़ में अनदेखा कर देते हैं. सुकुरती ने मुझे सिखाया कि प्रेम और संवेदना की कोई भाषा नहीं होती, वे तो बस दिल से महसूस किये जाते हैं. मैंने इस किताब में उसी निश्छल भावना, उसी आत्मीय लगाव को ईमानदारी से दर्ज करने की कोशिश की है.

इस अवसर पर पत्रकार सुरभित दत्त, किशोर कुमार, धनंजय कुमार गोलू, धर्मेन्द्र रस्तोगी, विशाल कुमार, हेमंत, दधिचि देहदान समिति के सचिव संजीव चौधरी, शतरंज प्रशिक्षक राजशेखर, विकास श्रीवास्तव, वर्तिका, प्रथम, समृद्धि, उत्सव, उमंग, श्रेयांस आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे.