☀अस्पताल में इलाज के लिए आनेवाले मरीजो के परिजनो को खुले आसमान में रहने की मजबूरी से मिलेगी निजात

✍️परमार मीडिया नेटवर्क
मधुबनी/4 अक्टूबर:स्वास्थ्य विभाग जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा मरीजों को सहूलियत देने के लिए प्रतिदिन नए-नए योजनाएं अस्पताल में लागू कर रही है. इसी कड़ी में सदर अस्पताल में प्रतिक्षालय का निर्माण किया जा रहा है. निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है, जिसे शीघ्र ही चालू कर दिया जाएगा। विदित हो कि सदर अस्पताल में प्रतीक्षालय नहीं रहने के कारण अस्पताल में दूरदराज से आने वाले मरीज एवं परिजन को खुले आसमान के नीचे समय बिताना पड़ता है, वही एसएनसीयू में प्रतिक्षालय नहीं रहने के कारण परिजन को एसएनसीयू में बने मदर शेड में ही रहना पड़ता हैं जिससे बच्चों को संक्रमण का डर बना रहता है. तथा प्रसव कक्ष में प्रसव के लिए आने वाली प्रसूता के परिजन,आकस्मिक मरीजों के परिजनों को खुले आसमान के नीचे ही समय बिताना पड़ता है. ऐसे में सदर अस्पताल में प्रतिक्षालय बन जाने से ऐसे मरीजों के परिजनों को काफी राहत मिलेगी. साथ ही इलाज के लिए आने वाले मरीज जो इधर-उधर भटकते थे , अब प्रतिक्षालय में रुक कर अपने बारी का इंतजार कर सकते हैं.
👉15 लाख की लागत से बनेगा प्रतीक्षालय:
सदर अस्पताल में बनने वाले प्रतिक्षालय 15 लाख रुपये की लागत से बनाया जा रहा है, जिसमें परिजनों को पीने के लिए साफ आरओ का पानी मिलेगा। साथ ही प्रतीक्षालय में शौचालय का निर्माण किया जाएगा और मनोरंजन के लिए एलईडी टीवी लगाया जाएगा.
👉प्रतिदिन सैकड़ों मरीज आते हैं सदर अस्पताल:
विदित हो कि सदर अस्पताल में प्रतिदिन प्रसव के लिए 35 से 40 महिलाएं आती है। साथ ही प्रतिदिन 8 से 10 बच्चे एसएनसीयू में भर्ती किए जाते हैं। यहाँ आकस्मिक मरीज एवं ओपीडी में मरीज भी आते हैं. इन सब के परिजन अस्पताल में ही रुकते हैं ।इस तरह के मरीज तथा उनके परिजन को अब प्रतीक्षालय बन जाने से काफी राहत मिलेगी.
👉क्या कहते हैं सिविल सर्जन
डॉ सुनील कुमार झा ने बताया बहुत दिनों से अस्पताल में आने वाले मरीजों की मांग थी कि सदर अस्पताल में प्रतीक्षालय बनाया जाए ताकि मरीजों के परिजन सकून से बैठकर समय व्यतीत करें। इसी को ध्यान में रखकर अस्पताल प्रबंधन ने सदर अस्पताल में प्रतिक्षालय निर्माण करने का निर्णय लिया है।जल्द ही उसे तैयार कर दिया जाएगा.




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