दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-

साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था ‘चम्पारन साहित्य संस्थान’ एवं ‘अनुराग’ के द्वारा जिले के वरिष्ठ कवि-साहित्यकार राजेन्द्र अनल के निधन पर संस्थान के संयोजक दिवाकर राय के आवास पर बुधवार की संध्या शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में शामिल संस्थान के निदेशक मंडल के वरीय सदस्य पं. चतुर्भुज मिश्र, संयोजक दिवाकर राय, सह-संयोजक जगमोहन कुमार, अनुराग के जयकिशोर जय, चन्द्रिका राम, श्याम कुमार, प्रशांत सौरभ आदि ने श्री अनल के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला एवं उनसे संबंधित संस्मरण को साझा किया। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि संघर्षपूर्ण बचपन से शुरू, एक आदर्श शिक्षक एवं अपनी रचनाओं व विचारों से जिले के साहित्यिक जगत को एक विशिष्ट पहचान देने वाले श्री अनल जी के जाने से एक युग का अंत होता दिखता है। त्रिदेव यानि विमल राजस्थानी व शिवप्रसाद किरण के बाद तीसरे स्तंभ राजेन्द्र अनल भी अब नहीं रहें। जिले के लिए यह अपूरणीय क्षति है। अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखने के बाद सभा समाप्त हुई। उक्त आशय की जानकारी संस्थाद्वय के मीडिया प्रभारी जगमोहन कुमार ने दी।