
मांझी(सारण)। लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश महासचिव केशव सिंह एवं सारण जिला लोजपा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी द्वारा बाहर फंसे बिहारी कामगार, छात्र, पर्यटक एवं इलाज के लिये गये रोगियों को लाने में असमर्थता व्यक्त किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
राज्य सरकार चाहे तो पर्याप्त संख्या में मौजूद प्राइवेट एवं सरकारी बसों का उपयोग कर बाहर फंसे हजारों किमी. दूर से लोगों को ला सकती है। वह केन्द्र से रेल सुविधा भी ले सकती है। अगर रेलवे बोर्ड तैयार न हो तो राज्य सरकार ट्रेन का किराया देकर ला सकती है। लाखों मजदूर, छात्र, इलाजरत व्यक्ति बैंगलोर,चैन्नई, हैदराबाद, मुम्बई, गोवा, अहमदाबाद, जयपुर, कोटा, जम्मू सहित उत्तर-पूर्व के राज्यों में फंसे हैं। मोदी जी श्रमिकों की परेशानी पर ध्यान देना अनिवार्य है। ये हमारे लिए नकारा नही बल्कि देश की अर्थ- व्यवस्था के रीढ़ हैं। मजदूर आज संकट में फंसे हैं। जिन्हें निकालना सरकार की जिम्मेवारी बनती है। अगर श्रमिक उत्पादन कार्य से मुंह मोड़ लें तो देश को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। दोनों लोजपा नेताओं ने कहा कि मोदी जी आप किस अर्थशास्त्र को जानते है, हमे पता नही। कोरोना जैसी दुःखद एवं आपदा की घड़ी में शिक्षकों के जले पर नमक छिड़कने का भी काम कर रहे हैं। जब केंद्र सरकार का दिशा-निर्देश प्राप्त हो गया तो कामगारों को अबिलंब लाने का प्रयास होना चाहिए। लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा बिहारी चिराग पासवान जी भी इस मसले पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं गृह मंत्री अमित शाह से बात कर चुके हैं। जिस पर सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है।




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