
छपरा । मुख्य सचिव बिहार सरकार से हुयी विडियोकॉफ्रेंसिंग के पश्चात जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के द्वारा सारण जिला में आनेवाले प्रवासी कामगारों को उनके आने के स्थान के अनुसार ए,बी,सी तीन श्रेणियों में बाँटते हुए उनके लिए अगल क्वेरेंटीन केन्द्र चिन्हित कर उसमें आवासित करने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारियों को दिया गया है। दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र से आने वाले प्रवासी को ए श्रेणी में रखा गया है और उन्हे प्रखण्ड क्वेरेंटीन में रखने का निर्देश दिया गया है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया है कि बिहार आये प्रवासियों के जितने सैम्पल जांच कराये गये हैं उसमें से 75 प्रतिशत पॉजीटिव मामले इन तीन स्थानों से आये लोगों में पाये गये हैं। इन स्थानों से आने वाले लोगो को अतिसंवेदनशील मानते हुए ए श्रेणी में रखते हुए उनको प्रखंड क्वेरेंटीन में व्यवस्थित कराने का निर्देश दिया गया है। हरियाण, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से आनेवाले प्रवासियों को बी श्रेणी में रखते हुए उन्हे पंचायत स्तरीय क्वेरेंटीन केन्द्र में रखने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य राज्यों से आनेवाले प्रवासी कामगारों को उनके निवास से संबंधित ग्राम के विद्यालयों को चिन्हित करते हुए उसमें क्वेरेंटीन करने का निर्देश जिलाधिकारी के द्वारा दिया गया है। इन सभी केन्द्रों में पूर्व की तरह ही सभी आवश्यक व्यवस्था भोजनादि सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा है कि पंचायत एवं ग्राम स्तर पर चिन्हित केन्द्रों की व्यवस्था एवं संचालन आदि में स्थानीय मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंच आदि का भी यथासंभव सहयोग प्राप्त किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा हे कि क्वेरेंटीन में 14 दिन पूरा कर लेने के बाद लोगां को वहाँ से विमुक्त कर दिया जाय,परन्तु उन्हे यह सलाह दिया जाय कि वे अपने घर में पुनः 14 दिन होम क्वेरेंटीन में रहेंगे और होमक्वेरेंटीन का मुहर भी उनके बाँह पर लगा दिया जाय। उनके विमुक्ति की सूचना संबंधित मुखिया को भी दे दी जाय ताकि मुखिया के स्तर से भी निगरानी रखी जा सके। जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया है कि ए श्रेणी के लोगों को विमुक्त करने से पूर्व उनका समुचित जांच करा लेना जरूरी है। पंचायत और ग्राम क्वेरेंटीन की सूची संबंधित थाना प्रभारी को भी उपलब्ध करा दी जाय। संबंधित थाना प्रभारी प्रतिदिन सुबह-शाम दो बार इन केन्द्रों का निरीक्षण करेंगे। जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया है कि कैम्प प्रवासियों के आते हीं उनका पंजीकरण करते हुए यह निधारित कर लिया जाय कि उनका चौदह दिन कब पूरा हो रहा है। कैम्प में चौदह दिन पूरा करते हीं उनके खाते में आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा न्यून्तम 1000 रूपया की राशि पीएफएमएस के माध्यम से डाल दी जाएगी।




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