टीसीए ढ़ोली, सीड प्रोसेसिंग प्लांट के कर्मियों के बीच आर्सेनिक ऐल्ब.30 दवा का हुआ वितरण

विभाग के निर्देशक को आर्सेनिक ऐल्ब.30 की दवा सौपते

संजीव कुमार

ढ़ोली, मुजफ्फरपुर । कोरोनो के प्रभाव को कम करने में मजबूत इम्यून सिस्टम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया जा रहा है । इम्यून को मजबूत करने में आयूष मंत्रालय ने होमियोपैथ की दवा आर्सेनिक ऐल्ब.30 को एक सहायक औषधी बताया है । मुजफ्फरपुर जिला के ढ़ोली स्थित तिरहुत कृषि विश्वविद्यालय(TCA) के सीड प्रोसेसिंग प्लांट के स्टॉफ राजेन्द्र कुमार गोस्वामी ने अपने सहयोगी कर्मी के लिये एक सकरात्मक पहल की है । राजेन्द्र कुमार गोस्वामी ने अपने कार्यालय के पदाधिकारी, कर्मी व श्रमिकों के बीच कोरोना से सुरक्षा हेतु होमियोपैथ दवा आर्सेनिक ऐल्ब.30 का निशुल्क वितरण किया ।

कर्मियों के बीच दवा का वितरण करते राजेन्द्र कुमार गोस्वामी

शुक्रवार को सभी कर्मियों के लिये आर्सेनिक ऐल्ब.30 की दर्जनों तैयार दवा को विभाग के डारेक्टर डा. पी पी सिंह को सौपा । डायरेक्टर ने कोरोना से सुरक्षा में इसे अच्छी पहल बताते हुये खुद से कर्मियों के बीच दवा का वितरण किये और प्रयोग के तरिके बताये । प्लांट पर काम करने वालों दर्जनों श्रमिकों के बीच भी आर्सेनिक ऐल्ब.30 का वितरण किया गया ताकी शरीर प्रतिरक्षा में वे मजबुत बने रहे ।

निदेशालय बीज एवं प्रक्षेत्र के कर्मी

इस दौरान डायरेक्टर डा.पी पी सिंह ने कहा कि कोरोना अब हमारे चारों तरफ मौजूद है इसके बाद भी हमे इससे लड़ना है और खुद को सुरक्षित भी रखना है । इस मुश्किल लड़ाई में मास्क, सेंनिटाइजर प्रमुख हथियार है तो एक दुसरे से दुरी को मेंटेन और अपने शरीर की इम्युन सिस्टम को मजबुत करके हम अपना बचाव कर सकते है । डायरेक्टर ने अपने स्टॉफ राजेन्द्र कुमार गोस्वामी का कर्मियों के बीच इम्युन सिस्टम बुस्ट करने वाली होमियोपैथ दवा के वितरण के लिये सराहना की ।

दवा तैयार करने वाले होमियोपैथ चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण का खतरा उन लोगों को अधिक है जिनका रोग प्रतिरोधी क्षमता कमजोर है। ऐसी स्थति में होमियोपैथ की दवा आर्सेनिक एल्ब. 30 शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक हैं।

निदेशालय बीज एवं प्रक्षेत्र के कर्मचारी

कर्मी राजेन्द्र कुमार गोस्वामी ने कहा कि आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने एक एडवायजरी जारी कर कोरोना से बचाव में होमियोपैथ की दवा आर्सेनिक एल्ब. 30 को सहायक माना है। वे अपने कार्यालय के सहयोगी कर्मी और प्लांट के श्रमिकों को सुरक्षित रखने के एक प्रयास के तहत उक्त दवा का वितरण किये है । दवा को प्राप्त करने के उपरांत कर्मी और श्रमिक में उत्सुकता और खुशी देखने को‌ मिली ।