
मांझी(सारण)। यूपी बिहार को जोड़ने वाले जर्जर जयप्रभा सेतु की मरम्मती का काम 15 दिनों के भीतर शुरू नही किया गया तो मांझी के लोग उग्र आंदोलन करेंगे।

रविवार को स्थानीय बलिया मोड़ पर सोशल मीडिया से जुड़े “अनुभव जिंदगी का” नामक वाट्सअप ग्रुप के सदस्यों ने एक सर्वदलीय बैठक आयोजित कर सरकार को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया। बैठक में शामिल सदस्यों ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से जयप्रभा सेतु का सड़क उखड़ कर खतरनाक स्थिति में तब्दील हो चुका है। पुल का रेलिंग महीनों से टूटा पड़ा हैसड़कों पर बने असंख्य गड्ढों में गिरकर लोग आए दिन मौत का शिकार हो रहे हैं। सेतु की मरम्मती के लिए कई बार यूपी तथा बिहार में लोगों ने आंदोलन भी किया। लोगों का कहना था कि उक्त सेतु से होकर प्रतिदिन ओवरलोडेड भारी वाहनों का अवैध परिचालन होता है जिसके चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बैठक में शामिल सदस्यों ने कहा कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर पुल की मरम्मती का कार्य शुरू नही किया गया तो उग्र आंदोलन अवश्यम्भावी है। लोग अपना धैर्य खो रहे हैं जबकि सरकार और विभाग अपनी तन्द्रा नही तोड़ रहा है। बैठक में मुख्य रूप से मनोज कुमार सिंह तारकेश्वर नंद तिवारी अरविंद सिंह बबलू कुमार दिवाकर सिंह छोटेलाल सोनी प्रह्लाद कुमार यादव धनंजय सिंह सुनील तिवारी नागेन्द्र ठाकुर रिंकू सिंह जगमोहन चौहान संजीव शर्मा मिथिलेश कुमार फिरोज अहमद तथा लालबाबू सिंह आदि शामिल थे। अध्यक्षता रंजन शर्मा ने किया। अंत में सर्व सम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर सारण तथा बलिया के डीएम को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया।




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