पटना(अनूप नारायण सिंह)(15/11/19) : और आखिरकार महान गणितज्ञ डॉक्टर वशिष्ठ नारायण सिंह की अंतिम इच्छा भी हुई. पूरी वे चाहते थे उनके भतीजे मुकेश कुमार सिंह हैं उनको मुखाग्नि दे. मुकेश और उनके पिता अयोध्या सिंह वर्षों तक निस्वार्थ भावना से उनकी सेवा में लगे हुए थे. मुकेश के अथक प्रयास से शुक्रिया वशिष्ठ संस्थान प्रारंभ हो पाया.मुकेश ने अपने बड़े पापा के अंतिम इच्छा को मुकेश पूरा किया. आरा के महुली घाट पर के मुकेश वशिष्ठ नारायण सिंह को मुखाग्नि दे रहे थे. तो हजारों आंखों से आंसू छलका आज लोगों को वशिष्ठ नारायण सिंह की अहमियत पता चल रही थी कि क्या होता है बिहार के माटी में शिष्ट बनना वशिष्ट बनना..