क्या सहरसा में खुलने वाली एम्स,मधेपुरा के चौसा में खुलेगा ?

संजय कुमार सुमन

 संपादक@दैनिक खोस खबर

बिहार में प्रस्तावित एक और ” एम्स” अपने निर्माण के पहले ही धांधली और मनमानी के आरोपों में घिरता नजर आ रहा है । मधेपुरा जिला जनता दल यू जल श्रमिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष विनोद सहनी उर्फ विनोद काम्बली निषाद ने प्रस्तावित एम्स के लिए मनमाने तरीके से स्थल चयन का आरोप लगाते हुए इसका निर्माण मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंडान्तर्गत कलासन में कराने की मांग किया है ।

उक्त आशय के संदर्भ में श्री सहनी ने सांसद शरद यादव को एक पत्र समर्पित कर कहा है कि केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट में पटना के बाद बिहार में एक और एम्स खोलने की स्वीकृति दिया था। केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार बिहार में एम्स निर्माणार्थ जमीन उपलब्ध कराने की कवायद तत्काल प्रारंभ कर दी गई । बिहार सरकार के प्रधान सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से उक्त बाबत जमीन की उपलब्धता संबंधी प्रस्ताव मांगा , लेकिन किसी जिला से कोई प्रस्ताव समर्पित नहीं किया गया । बावजूद इसके मनमाने तरीके से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की वेबसाइट पर सहरसा का नाम जोड दिया गया ।

गौरतलब है कि खुद सहरसा के जिलाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल का मीडिया में ब्यान आया है कि ” *सरकार के प्रस्ताव पर जमीन की तलाश की जा रही है । इसके लिए 200 एकड जमीन की आवश्यकता है*। ” लिहाजा श्री सहनी ने प्रक्रिया पूरी किए बिना एम्स निर्माणार्थ सहरसा के चयन को गंभीर धांधली बताया है ।
उन्होंने समर्पित पत्र में यह भी बताया है कि मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंडान्तर्गत कलासन में सैकड़ों एकड सरकारी जमीन उपलब्ध है । जिसमें फिलहाल आईटीआई, पोलिटेक्निक काॅलेज और पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया है । इसके अलावा यहाँ मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, माॅडल डिग्री महाविद्यालय और वियाडा के माध्यम से निजी क्षेत्र की मौर्य काॅपरेटिव एग्रो इंडस्ट्री की स्थापना भी प्रस्तावित है । उन्होंने बताया कि इतने महत्वपूर्ण स्थान पर अब भी सरकार के पास 260 एकड जमीन उपलब्ध है।

सनद रहे कि श्री सहनी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान सांसद शरद यादव को समर्पित पत्र की प्रति मीडियाकर्मियों को उपलब्ध कराते हुए कहा कि वे सरकार से मधेपुरा जिला के कलासन में प्रस्तावित एम्स के निर्माण की मांग करते हैं । उन्होंने यह भी बताया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे व्यापक जनांदोलन करेंगे ।