कुल छः कोषांगों का हुआ गठन
जिलाधिकारी ने कोषांगों के वरीय एवं नोडल पदाधिकारी के साथ समाहरणालय सभागार में की बैठक
जिलाधिकारी ने कहा कि आपसी समन्वय स्थापित कर कोषांगों के पदाधिकारी कार्य करें
छपरा। जिलाधिकारी डॉ. निलेश रामचन्द्र देवरे के द्वारा सारण जिला में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला स्तर पर छः कोषांगों का गठन किया है और सभी कोषागों में पदाधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति के साथ-साथ इन कोषांगों में नोडल पदाधिकारी एवं वरीय पदाधिकारी भी नामित किये गये है। जिलाधिकारी के द्वारा कहा गया कि जिला स्तर पर गठित इन कोषांगों के पदाधिकारियों को अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर गठित विभिन्न कोषांगों से समन्वय स्थापित कर सूचनाओं को प्राप्त करेंगे एवं इस महामारी से बचने हेतु हर संभव उपाय सुनिष्चित करेंगे। जिलाधिकारी के द्वारा गठित पहला कोषांग होम क्वेरेन्टीन सेल तथा कॉल सेन्टर कोषांग है। जिसका वरीय पदाधिकारी उप विकास आयुक्त तथा नोडल पदाधिकारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी को बनाया गया है। इस कोषांग के द्वारा होम क्वारंटीन में रह रहे लोगों से प्रतिदिन मोबाईल से वार्ता कर उनकी तबियत का रेकॉड रखा जाएगा। दूसरा कोषांग ट्रेकिंग एण्ड मोनीटरिंग कोषांग है जिसका नोडल पदाधिकारी, निदेषक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को बनाया गया है। इस कोषांग के द्वारा बाहर से आने वाले लोगों पर नजर रखी जाएगी तथा होम क्वारंटीन में रह रहे ऐसे लोगों की सूची बनाकर दस व्यक्तियों पर पंचायत एवं वार्ड स्तर पर कर्मियो की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। तीसरा कोषांग आइसोलेषन सेन्टर मोनिटरिंग सेल है जिसका नोडल पदाधिकारी अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को बनाया गया है। इस कोषांग के द्वारा जिला एवं प्रखंड स्तर पर आईसोलेशन सेंटर का निर्माण कराना तथा उपलब्ध सुविधाओं का सतत निगरानी एवं अनुश्रवण किया जाएगा। चौथा कोषांग सेम्पल कलेक्षन एण्ड टेस्ट सेल है जिसका महत्वपूर्ण दायित्व दैनिक रुप से लैबवार प्राप्त सेम्पल, जाँच में लगे सेम्पल तथा पेंडिंग सेम्पल का अपडेटेड डाटा संधारित करना है। पाँचवा कोषांग कन्फर्मड मामलों से संबधित है जिसका मुख्य दायित्व कोविड-19 पॉजीटिव पाये गये लोगों का डाटा रखना है। छठा कोषांग श्रमिक एवं प्रवासियों से संबंधित है जिसके द्वारा बिहार राज्य के श्रमिकों के अन्य राज्य में होने एवं उनके वापस लौटने पर उन्हें प्रत्येक संभव सहायता प्रदान करना है। यह कोषांग जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र से कार्यरत रहेगा जिसके लिए 06152-245023 पर संपर्क किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि पिछली बार की तुलना में इस बार संक्रमण में लागातार बढ़ोतरी हो रही है। लोगों को भी सचेत और सुरक्षित रहने की जरुरत है। बहुत जरुरी होने पर हीं लोग घरों से निकलें। घर से निकलते समय मास्क का उपयोग जरुर किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि शहरी क्षेत्र में स्थिति अधिक गंभीर बनते जा रही है। जिलाधिकारी के द्वारा नगर आयुक्त को कंटेनमेंट जोन में कड़ाई बरतने और सेनीटाइजेशन के कोर्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। सिविल सर्जन को प्रर्याप्त मात्रा में आक्सीजन सिंलीन्डर खरीद लेने का निर्देश देते हुए कहा गया कि आइसोलेशन वार्ड में रह रहे पॉजीटिव लोगों को अच्छा खाना दिया जाय। खाना के लिए अलग से व्यवस्था बनायी जाय। इसको मानीटरिंग करने का निर्देश अपर समाहर्त्ता डॉ गगन को दिया गया। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जिला में कोविड के 809 मामलें एक्टीव हैं जिसमें 786 होम आईसोलेशन में हैं। अप्रैल माह में अभी तक 8 मृत्यु प्रतिवेदित है। जिला में 108 माईक्रों कंटेन्मेंट जोन बनाये गये हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि इस आपदा की घड़ी में पदाधिकारियों को अधिक मेहनत करने की जरुरत है। अगर हमारे प्रयास से एक भी जान बचती है तो हमारा प्रयास सार्थक माना जाएगा।इस बैठक में जिलाधिकारी के साथ नगर आयुक्त संजय उपाध्याय, उप विकास आयुक्त अमित कुमार, अपर समाहर्त्ता डॉ गगन, अपर समाहर्त्ता विभागीय जाँच भरत भूषण प्रसाद, सिविल सर्जन अन्य सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।




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