आंगनबाड़ी केन्द्रों की गतिविधियों की अब सम्पूर्ण जानकारी ऑनलाइन ई- इंक्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच मोबाइल एप्लीकेशन एवं वेब-पोर्टल पर मिलेगी,हुयीं शुरुआत

आंगनबाड़ी केन्द्र की सांकेतिक तस्वीर

रिपोर्ट – सन्नी भगत/नवादा : पोषण अभियान के अंतर्गत आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला, नवजात एवं किशोरी पोषण पर सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ई- इंक्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच मोबाइल एप्लीकेशन एवं वेब-पोर्टल की शुरुआत की गयी है.

पोर्टल एवं एप्लीकेशन के माध्यम से आँगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने मासिक बैठक की योजना एवं कुशल प्रबंधन, गृहभेंट योजना एवं आँगनवाड़ी केंद्र पर आयोजित सामुदायिक कार्यक्रमों की योजनायें एवं आयोजनों के विषय में भी अवगत होंगे.

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार ने पत्र के माध्यम से ई- इंक्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच मोबाइल एप्लीकेशन एवं वेब-पोर्टल के इस्तेमाल के लिए देश के सभी राज्यों के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को निर्देशित किया है.

पत्र के माध्यम से बताया गया है कि पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए आँगनवाडी कार्यकर्ताओं का क्षमता वर्धन जरुरी है. इसके लिए ई- इंक्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच मोबाइल एप्लीकेशन एवं वेब-पोर्टल की शुरुआत की गयी है.

इसके माध्यम से पोर्टल एवं एप्प में कुल 5 थीम बनाये गए हैं. पहले थीम में मासिक बैठक के योजना एवं प्रबंधन, गृहभेंट योजना एवं आँगनवाड़ी केन्द्रों पर आयोजित सामुदायिक कार्यक्रमों की योजनाओं के विषय में जानकारी उपलब्ध करायी गयी है. दूसरे एवं तीसरे थीम में स्तनपान का अवलोकन, कमजोर नवजात शिशुओं की पहचान एवं देखभाल, ऊपरी आहार में विविधता, महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम, केवल स्तनपान एवं बीमार नवजात शिशुओं की पहचान कर उनके संदर्भन सेवा पर जानकारी दी गयी है. चौथे एवं पाँचवे थीम में ऊपरी आहार की शुरुआत, बीमारी के दौरान शिशु का आहार, स्तनपान संबंधित समस्याओं में माता को सहयोग, कमज़ोर नवजात शिशु के लिए कंगारू मदर केयर, कुपोषण और मृत्यु से बचने के लिए बीमारियों से बचाव, प्रसव पूर्व तैयारी, बच्चों में खून की कमी की रोकथाम, किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम एवं परिवार नियोजन के विषय में विस्तार से जानकारी उपलब्ध करायी गयी है ताकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के क्षमता वर्धन हो सके एवं उनके द्वारा सामुदायिक स्तर पर जागरूकता भी फैलाई जा सके.