आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के बीच अब बंटेगा पौष्टिक लड्डू
 
तीन से छह साल के बच्चों को सत्तू, घी, मूंगफली और गुड का बना हुआ लड्डू परोसा जाएगा

  • सेविका सहायिका को मिला रहा बनाने का प्रशिक्षण 
  • नया साप्ताहिक मेन्यू भी जुड़ा
  • चख कर भोजन देगीं सेविका और सहायिका

मुजफ्फरपुर, 3 जुलाई।
बच्चों के समुचित पोषण के लिए जिले के सभी आंगनबाड़ी क्षेत्रों में एनर्जी डेन्स न्यूट्रीशन फूड रेसिपी की शुरुआत हुई है। इसमें पूरक पोषण कार्यक्रम के अंतर्गत तीन से छह साल के बच्चों को सत्तू, घी, मूंगफली और गुंड का बना हुआ लड्डू परोसा जाएगा। कांटी की बाल विकास प्रखंड पदाधिकारी बीनू  कुमारी ने बताया कि जिले की  सभी सेविका तथा सहायिका को लड्डू बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जुलाई माह से ही  इसे देने की शुरुआत होगी। कांटी के पानापुर हवेली आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 112 पर भी लड्डू बना कर बच्चों के बीच वितरीत भी किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका रानी कुमारी ने बताया कि केंद्र में ही उन्हें यह प्रशिक्षण वर्चुअली दिया गया है। 
मिलावट पर रहेगी नजर
सीडीपीओ बीनू  कुमारी ने बताया कि निदेशालय  से यह स्पष्ट निर्देश आया है कि खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की मिलावट न हो, रोगाणुमुक्त और भोजन में मिलाए जाने वाले रंग भी नहीं होने चाहिए। वितरण और भंडारण के लिए सुरक्षा के मापदंडों का नियमित रूप  से पालन होना है। वहीं परोसने से पूर्व स्वयं अनिवार्य रूप  से सेविका और सहायिका इसे चखेंगी । 
ऐसे बनता है सत्तू का लड्डू 
आंगनबाड़ी सेविका रानी ने बताया कि पहले मूंगफली को भून लेते हैं। फिर उसे मिक्सर में थोड़ा दरदरा कर लेते हैं। फिर सत्तू को घी में भून कर उसे निकाल लेते हैं। अब गुड़ को पानी में घोल कर उसे कड़ाही में गर्म कर घोल को थोड़ा गाढ़ा कर लेते हैं। अब गुड़ के उस पानी को सत्तू और मूंगफली के मिश्रण में मिला कर हाथों से लड्डू का आकार दे सकते हैं। 
कुपोषण से लड़ेगा नया साप्ताहिक मेन्यू
कुपोषण से लड़ने के लिए आईसीडीएस ने नया  मेन्यू भी जारी किया है। जिसे सोमवार से शनिवार के बीच वितरित किया जाएगा। 
सोमवार – पौष्टिक लड्डू 
मंगलवार – सत्तू लड्डू, अंकुरित चना, गुड़ 
बुधवार –  पौष्टिक लड्डू, चना गुड़, दूध
गुरुवार  –  सत्तू लड्डू, चना गुड़
शुक्रवार –  पौष्टिक लड्डू, चूड़ा गुड़ 
शनिवार –  सत्तू लड्डू, चुड़ा गुड़