छपरा । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सारण के निर्देशानुसार शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सारण के प्रांगण में “आग से होने वाली दुर्घटनाएं एवं उनसे बचाव” विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सह मॉक ड्रिल कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य न्यायालय परिसर, कार्यालयों एवं दैनिक जीवन में आग लगने की आकस्मिक घटनाओं से त्वरित बचाव, अग्नि-सुरक्षा उपकरणों का सही उपयोग और आपात स्थिति में जान-माल की रक्षा सुनिश्चित करना था।

कार्यक्रम में न्यायालय के वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारिगण ने मुख्य रूप से भाग लिया, जिनमें
राघवेंद्र विक्रम सिंह परमार, विशेष उत्पाद न्यायाधीश (तृतीय)
रवि शंकर, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम)
अंबिका प्रसाद चौरसिया, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एकादश)अनिल कुमार भारद्वाज, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (अष्टम)
श्रीकांत सिंह, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (त्रयोदश)
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, विशेष उत्पाद न्यायाधीश (द्वितीय)
राजीव कुमार, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सारण
के अतिरिक्त न्याय मंडल के सभी प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारीगण ने भी इस सत्र में भाग लिया।

व्यवहार न्यायालय, सारण के समस्त न्यायिक एवं प्रशासनिक कर्मी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभी कर्मचारी विधिक रक्षा परामर्शदाता प्रणाली कार्यालय के सभी सदस्य व कर्मीयो ने भाग लिया।
अग्निशमन विभाग के पदाधिकारियों द्वारा डेमो देकर एवं कर्मी सूरज पाण्डेय एवं सुश्री शालिनी कुमारी से व्यावहारिक अनुप्रयोग कराया गया जिसमें कर्मियों ने प्रशिक्षण के तरीकों का प्रयोग कर आग बुझा कर दिखायाअग्निशमन विभाग के विशेषज्ञ दल ने उपस्थित पदाधिकारियों व कर्मियों को आग के विभिन्न प्रकारों, प्राथमिक नियंत्रण विधियों तथा अग्निशामक यंत्रों के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। अग्निशमन दल का नेतृत्व एवं संचालन अधिकारियों द्वारा किया गया।