पानापुर (सारण)। क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के बीच राहत और मुआवजे की घोषणा को लेकर प्रशासन की दोहरी नीति से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार को पानापुर अंचल कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. अंचल प्रशासन द्वारा उपेक्षा का आरोप लगाते हुए धेनुकी और महम्मदपुर सहित कई अन्य पंचायतों के ग्रामीणों ने कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की. उग्र ग्रामीण सीओ और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ पक्षपात का आरोप लगा रहे थे.
धरने पर बैठे आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन केवल उन्हीं क्षेत्रों को बाढ़ प्रभावित मान रहा है जहां घरों में पानी घुसा है. ग्रामीणों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि भले ही हमारे घरों के अंदर तक पानी नहीं पहुंचा हो, लेकिन खेतों में लगी हमारी गाढ़े पसीने की फसलें पूरी तरह डूबकर जलमग्न और बर्बाद हो चुकी हैं. हमारी आर्थिक कमर टूट चुकी है, फिर भी प्रशासन ने हमें बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने से वंचित रखा है.
नारेबाजी और हंगामे के बाद उग्र ग्रामीण अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए. इसके चलते अंचल का तमाम सरकारी कामकाज पूरी तरह बाधित हो गया और कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया. आने-जाने वाले फरियादियों और कर्मियों की आवाजाही घंटों ठप रही.
बाद में अधिकारियों ने धरने पर बैठे उग्र ग्रामीणों से वार्ता की और उनकी समस्याओं को सुना. काफी मशक्कत और समझा-बुझाकर अधिकारियों ने मामला शांत कराया.