सिवान :हुसैनगंज मुख्यालय पे शौचालय की कमी से महिलाओं को होना पड़ता है शर्मशार
#न्यूज़ इनपुट -परवेज़ अख्तर
हुसैनगंज
प्रखंड में एक तरफ जहां पदाधिकारी हर घर में शौचालय का निर्माण कराकर पूरे प्रखंड को ओडीएफ बनाने में जुटे है। इसके लिए प्रखंड की सभी छः पंचायतों में शौचालय निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। वहीं प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में निर्मित शौचालय उपयोग के लायक नहीं है । जहां से प्रखंड की सारी विकास योजनाएं संचालित होती हैं। बावजूद वहां शौचालय का उपयोग के लायक नहीं रहना कई सवाल खड़ा करता है।
जहां एक तरफ पंचायतो में बहाल स्वच्छ्ता ग्रहीयो द्वारा ग्रमीणों को स्वच्छ्ता का पाठ पढ़ा रहे है और शौचालय बनवाने के लिए लोगो पर दबाव बना कर खुले में शौच करने से रोक रहे है । वही बड़ी ही दुर्भाग्य की बात है कि प्रखंड में कार्यरत महिला कर्मी व मुख्यालय पे प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में आने वाले पुरुष व महिलाओं को अपनी दैनिक क्रियाकलापों के लिए झाड़ियों का सहारा लेना पड़ता है । यह अनुमान लगाया जा सकता है कि रोजाना आने- वाली महिलाओं को प्रखंड मुख्यालय में शौच के लिए कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता होगा।
*पदाधिकारियों की लापरवाही कहे या लोगों की उदासीनता ।*
प्रखंड में कार्यरत पदाधिकारियों की लापरवाही कहें या फिर यहां के लोगों की उदासीनता। आज तक प्रखंड मुख्यालय में शौचालय बनाने की न तो किसी ने पहल की और न ही मांग । ऐसा नहीं है कि प्रखंड मुख्यालय में विकास के नाम पर रुपये नहीं खर्च किए जा रहे हैं। प्रखंड कार्यालय के आस पास बड़े बड़े होडिंग लगे है, साथ ही दीवारो पर बडे़-बड़े स्लोगन लिखे हैं, जिसमें शौचालय की महत्ता को रोचक ढंग से समझाया गया है। काश इसे वास्तविक जीवन में भी उतारा जाता तो रोजाना प्रखंड कार्यालय आने वाले ग्रमीणों को शर्मसार होना नही पड़ता।
*क्या कहते है स्थानीय मुखिया।*
स्थानीय मुखिया सनाउल्लाह उर्फ़ टुन्ना ने कहा कि दुख की बात है की मुख्यालय पे ही शौचालय नहीं है । प्रखंड मुख्यालय में शौचालय का न होना चिराग तले अंधेरा वाली बात है । एक शौचालय है भी तो मरम्मत नहीं होने की वजह से ध्वस्त हो चूका है और उपयोग के लायक नहीं है ।
*क्या कहते है ग्रमीण ।*
आज कल प्रखंड में राशन कार्ड बनवाने की होड़ लगी हुई है । सरकार के आदेशानुसार पंचायत की महिलाए ही रासनकार्ड का फॉर्म जमा कर सकती है ऐसे में उन्हें पुरे दिन लाइन में खड़ा रहना पड़ता है ऊपर से मुख्यालय पे शौचालय की कमी से महिलाओं को शर्मशार होना पड़ता है । कुछ महिलाओं को बिना अपना फार्म जमा किए ही वापस जाना पड़ता है ।
*क्या कहते है बीडीओ ।*
प्रखंड मुख्यालय में शौचालय का अभाव है। लोगों को इसकी सुविधा मुहैया कराने के लिए मेरे स्तर से प्रयास किया जा रहा । प्रखंड मुख्यालय में शौचालय का न होना दुखद है । मैं इस मामले को लेकर जिला प्रशासन से बात करुंगा ।




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