सारण :दो बर्ष में दो बुँद पानी भी नहीं टपक पाया।हाल पीएचईडी द्वारा गाड़े गए चापाकल का
————————————————————————–मामला चनचौरा पंचायत के माधोपुर महादलित बस्ती का।————————————————————————-

रसूलपुर –
एक तरफ सरकार दलित व महादलितों के सर्वांगीण बिकास को लेकर संकल्पित है और उनके उत्थान के दावे करती है तो दुसरी तरफ एकमा प्रखंड अन्तर्गत चनचौरा पंचायत के माधोपुर गाँव के महादलितों को आजादी के 70 बर्ष बाद भी शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं हो पा रहा।यहाँ पीएचईडी के माध्यम से गाड़ा गया चापाकल सरकार के सभी दावों का पोल खोल रहा है।दो बर्ष पूर्व हीं यहाँ चापाकल तो गाड़ दिया गया परन्तु अबतक उस चापाकल का चबुतरा निर्माण करना तो दुर दो बर्षों में दो बुँद पानी भी नहीं टपक पाया।इस महादलित बस्ती में दर्जनों परिवार के सैकड़ों लोगों को इक्कीसवीं सदी में भी शुद्ध पेयजल को तरसना पड़ता है।वहीं इस संबंध में मुखिया बिजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि चापाकल का मरम्मत कराने के लिए बिभाग को सूचित किया गया है चापाकल ठीक होते हीं चबुतरे का भी निर्माण करा दिया जाएगा ।