✍️संजीव कुमार/मढ़ौरा(सारण) : पिछले महिने जमकर हुई बरसात ने प्रखंड में गंभीर बनती जा रही गिरते वाटर लेबल की समस्या का समाधान कर दिया है । इसी के साथ वर्षो बाद नदी, नालों चंवर मे पानी लबालब होने से मछुआरों में भी रोजगार सृजन की जगी आस जगा दी है। 
प्रखंड का मिर्जापुर बाजार भी इस वर्ष अपने अतीत की ओर लौटता प्रतीत हो रहा है। यह वह स्थान है जहां कभी मछली और चिड़िया खरीदने के लिये दूर दराज से लोग सुबह में पहुंचते थे। लेकिन पिछले दस बारह वर्षो से जलभराव का दंश झेल रहा तालपुरैना का चंवर अपनी पहचान खोता जा रहा था । दस वर्ष बाद क्षेत्र में अच्छी वर्षा से आसपास के चंवर और नदियों के जलमग्न हो जाने से मछली उत्पादन में फिर सेरोजगार सृजन की आस जग गई है। इस वर्षा उम्मीद से अधिक वर्षा से मिर्जापुर गांव और समीप के ताल पुरैना चंवर सालों बाद जलमग्न है। चंवर को पानी भरा देख स्थानीय मछुआरों ने मछली का बीज डालना प्रारंभ कर दिया है, साथ ही आरसी और जाल बांधने के काम कर मछली पालन को लेकर उसके प्रवाह को रोकने की ब्यवस्था में जुट गये है।इस गांव से गुजरने वाली गेंहुआ नदी में मछुआरों ने मछली पकड़ने का काम अभी से ही शुरू कर दिया है।

कार्तिक के बाद गुलजार होगा यहां मछली बाजार 

वर्षा से भरे चंवर ने यह उमिंद जगा दी है कि कार्तिक महिने में छठ बाद मिर्जापुर का मछली बाजार फिर से गुलजार होगा । उस तब तक मछलियों के आकार में भी बढ़ोतरी हो जाएगी औ पर्व के बाद मछली की मांग भी बढ़ जाती है। आपको बता दे कि मिर्जापुर के पास का ताल पुरैना का इलाका मछली के लिए सालोभर जाना जाता था। यहां के बड़े चवर में सालोभर पानी भरा रहता था।लेकिन हाल के कुछ वर्षों में बारसात कम होने से इस क्षेत्र में बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है । काम के अभाव में गरीब मजदूरों का पलायन जारी है। इस चंवर के कुछ जमीन पर निर्मित रेल कारखाना से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद समाप्त हो चुकी है। लोगों ने स्थानिय नौकरी की मांग को लेकर तीव्र आंदोलन भी किया लेकिन कंपनी ने कोरे आश्वासन देकर टार दिया।आहर्ता रखने पर भी बाहरी लोगों को कंपनी ने काम पर रख स्थानीय किसान जमीनदाता को छला है। इस क्षेत्र में मिर्जापुर ,ताल पुरैना, भोरहा आदि गांवों के गरीब लोगों में चंवर और नदियों में भरा बरसात का पानी उनके पुराने रोजगार की आस जगा रही है।

पंचायत के मखियां ने कहा –

पंचायर की मुखियां चमेली दीक्षित ने कहा कि वर्षा से भरे चंवर क्षेत्र के मेहनती लोगों में फिर से रोजगार और खुशहाली लौटायेगा । मुखियां प्रतिनिधि हर्षवर्धन दीक्षित ने कहा कि-

तालपुरैना का चंवर एक समृद्ध चंवर है । इसके संरक्षण की भी जरूरत है,जो हजारों जलीय जीवों को आश्रय और हजारों परिवार को रोजगार देने में सक्षम है ।