भरतपुर (राजस्थान):डाॅ. दिगम्बर सिंह का निधन,मुख्यमंत्री नहीं रोक पाईं अपने आंसू
#न्यूज़ इनपुट-राकेश सिंह फौजदार

भरतपुर, 27 अक्टूबर
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे बीस सूत्री कार्यक्रम समिति के उपाध्यक्ष डाॅ. दिगम्बर सिंह के निधन से इतनी आहत हुईं कि वे अपने आंसू नहीं रोक पाईं।
मुख्यमंत्री एक ओर तो डाॅ. सिंह के परिजनों को ढांढस बंधा रही थीं, लेकिन उनके स्वयं के आंसू यह बयां कर रहे थे कि डाॅ. दिगम्बर सिंह का निधन उनके लिए कितनी बड़ी क्षति है।

श्रीमती राजे शुक्रवार को ईएचसीसी अस्पताल पहुंचीं और डाॅ. दिगम्बर सिंह की पार्थिव देह पर श्रद्धासुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री करीब एक घंटे तक अस्पताल में ही रहीं। डाॅ. सिंह के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए श्रीमती राजे ने कहा कि दुख की इस घड़ी में वे उनके साथ हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डाॅ. दिगम्बर सिंह का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। सार्वजनिक जीवन में लम्बे समय सिंह ने उनके साथ काम किया। कई कठिन परिस्थितियों में भी वे उनके साथ रहे। वे एक जननेता थे। उनकी ईमानदारी, समर्पण, सेवाभाव, मिलनसारिता और सुख-दुख में काम आने की प्रवृत्ति सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने भरतपुर और धौलपुर के जाटों के आरक्षण को लेकर भी पूर्ण सक्रियता और समर्पण से आवाज उठाई।
उनके निधन से पार्टी संगठन और पूरे प्रदेश को अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को चिर-शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं साहस प्रदान करे।
राज्य मंत्रिपरिषद के विभिन्न सदस्य, बोर्ड एवं आयोगों के अध्यक्ष तथा बडी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधि भी इस दौरान अस्पताल पहुंचे तथा शोक व्यक्त किया।
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डाॅ. दिगम्बर सिंह के निधन पर मंत्रिपरिषद का शोक प्रस्ताव
भरतपुर जिले में राजकीय शोक की घोषणा
भरतपुर, 27 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मंत्रिपरिषद ने बीस सूत्री कार्यक्रम आयोजना, क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति के उपाध्यक्ष डाॅ. दिगम्बर सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिपरिषद ने उनके निधन पर भरतपुर जिले में शुक्रवार के राजकीय शोक की घोषणा की है।
मंत्रिपरिषद ने यह निर्णय भी लिया कि राजकीय शोक की अवधि में भरतपुर जिले के सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके (हाफ मास्ट) रहेंगे एवं राजकीय समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे। मंत्रिपरिषद ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत की आत्मा को श्रद्धांजलि दी।
मंत्रिपरिषद द्वारा पारित शोक प्रस्ताव अविकल रूप से इस प्रकार है –
’’डाॅ. दिगम्बर सिंह का जन्म 01 अक्टूबर, 1951 ई. को जिला-भरतपुर, तहसील-नगर के बरखेड़ा फौजदार ग्राम में हुआ। आपने एम.बी.बी.एस. एवं डी.जी.ओ. की उच्च स्तरीय डिग्री राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से प्राप्त की।
आप छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय भावना और देश-प्रेम से प्रेरित रहे और प्रारम्भ से ही जनसेवा एवं चिकित्सा क्षेत्र में लोक कल्याण की भावना से प्रेरित होकर दीन-दुखियों के हितैषी रहे। चिकित्सक बनकर आपने दीन-दुखियों के दर्द को अपना दर्द समझते हुए सेवा की।
आप 12वीं एवं 13वीं विधानसभा के सदस्य रहे। आपने वर्ष 2004 से 2008 तक राज्य सरकार में मंत्री पद का दायित्व सफलतापूर्वक निभाया।
राज्य के प्रति समर्पण भाव को देखते हुए आपको वर्ष 1996 से 2004 तक क्षेत्रीय तिलहन उत्पादक सहकारी संघ लि. के अध्यक्ष पद तथा वर्ष 2015 में बीस सूत्री कार्यक्रम आयोजना, क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिसका आपने पूर्ण ईमानदारी, निष्ठा और कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।
आपने अपने अन्य दायित्वों के साथ-साथ जाट आरक्षण, विशेषकर भरतपुर-धौलपुर के जाट आरक्षण, में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
आपके निधन से प्रदेश को अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को चिर-शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं साहस प्रदान करे।’’




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