पश्चिम चम्पारण ब्यूरो रिपोर्ट:-
विगत शनिवार संध्या शहर के होटल के एक निजी सभागार में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पश्चिम चंपारण इकाई एवं अपोलो डायग्नोस्टिक के संयुक्त तत्वाधान के बैनर तले “पैथोलॉजी जांच में त्रुटि का कारण एवं इसके रोकथाम” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में अपना विचार व्यक्त करते हुए अपोलो डायग्नोस्टिक्स के ईस्ट जोन के मुख्य पैथोलॉजिस्ट डॉ अभिक बनर्जी ने कहा कि आज के आधुनिक युग में जटिलतम बीमारी के डायग्नोसिस एवं इसके इलाज में एडवांस्ड पैथोलॉजी जांच का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है। अगर मरीज की पैथोलॉजी जांच मानक पैथोलॉजिस्ट चिकित्सक के निगरानी में नहीं किया जाए तो मरीज का जांच रिपोर्ट प्रभावित हो सकता है। जिसका दुष्परिणाम मरीज को भुगतना पड़ता है। अक्सर देखा जाता है की मरीज अपने सुविधा अनुसार बिना मान्यता प्राप्त जांच घर से किए गए जांच रिपोर्ट के आधार पर अपने चिकित्सक से दवा लिखने के लिए मजबूर करते हैं जो सही नहीं है। डॉ अभिक बनर्जी ने ऐसी स्थिति से निपटने के लिए मौजूद चिकित्सकों को सुझाव दिया कि मरीज के हित में आवश्यकता अनुसार मान्यता प्राप्त पैथोलॉजी लैब से दोबारा जांच अवश्य करा लें।
मौके पर मौजूद एसीएमओ डॉ रमेश चंद्र, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ प्रदीप कुमार, डॉ सुभाष कुमार, डॉ चित्रा सिन्हा एवं आईएमए जिला प्रवक्ता डॉ उमेश कुमार ने मुख्य वक्ता डॉ अभिक बनर्जी को अंग वस्त्र, बुके एवं मोमेंटो से सम्मानित किया।
इस संगोष्ठी में आईएमए जिला कोषाध्यक्ष डॉ शिव शंकर शर्मा, डॉ दिलीप कुमार,डॉ संदीप कुमार, डॉ रूद्र नारायण पांडेय, डॉ राकेश रोशन, डॉ हिदायतुल्लाह, डॉ इंतेसरुल हक, डॉ दिलनवाज हुसैन, डॉ सुधा चंद्रा, डॉ प्रमोद कुमार तिवारी, डॉ अमित कुमार, डॉ प्रियांक बरनवाल, डॉ लोकेश कुमार, डॉ स्वप्निल राय डॉ सुमित राय समेत जिले के 40 से ज्यादा चिकित्सक मौजूद रहे।





Recent Comments