बेतिया – गौनाहा:– *तुल पकड़ा हरा शीशम पेंड काटने के मामला प्रखंड प्रमुख ने जिला अधिकारी को पत्र लिखकर कारवाई की मांग की गई ।*

न्यूज इनपुट रामायण कुमार गौनाहा पं.चम्पारण बिहार :-
*पश्चिमी चम्पारण गौनाहा* लाखो रूपये के तीन शीशम का पेड औने-पौने दाम में डाक कर काटने का मामला तूल पकड लिया है ।
तीन हरे शीशम का पेड जो पंचायत राज गौनाहा के परसा कब्रिस्तान व मदरसा के पास पचासो वर्षो से पर्यावरण की सुरक्षा प्रदान कर रहा था । जिसे अंचलाधिकारी प्रदीप कुमार सिन्हा के द्वारा औने-पौने दाम तैतीस हजार में डाक कर लाखो का राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है ।
वही 15, 10, 8 फीट मोटा और लगभग पचास फीट लम्बा हरें पेड को औने-पौने दाम पर डाक करने और काटने में बीडीओ, सीओ व स्थानीय मुखिया पति की संलिप्तता दिख रही हैं ।
विदित हो कि गौनाहा थाना से महज एक किलोमीटर की दूरी पर हरे पेड को खुलेआम काटा जा रहा था लेकिन ठेकेदार से स्थानीय लोगो ने जब वैध कागजात की मांग की तो ठेकेदार आनाकानी करते हुए मौके से फरार हो गया ।
वही प्रखंड प्रमुख ने जिला अधिकारी को एक पत्र जारी करते हुऐ प्रमुख ने कहा हैं कि मुख्यालय स्थित परसा से काटें गये तीन हरे शीशम के पेड़ को सीओ के द्वारा 2012 के रेट व वर्तमान के लकड़ी के मोटाई व लम्बाई से कम दिखा कर लकड़ी का डाक करना जांच का विषय बनता हैं । जिसे जांच कर संलिप्त अधिकारीयों के उपर प्राथमिकी दर्ज करने व कानूनी कार्यवाही कराने की मांग की गई है ।
वही जल श्रमिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सुरज सहनी का कहना हैं कि बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर्यावरण बचाओ अभियान के तहत पेंड लगाते हैं और उनके गौनाहा अंचलाधिकारी प्रदीप कुमार सिन्हा के द्वारा हरे पेड को काट कर पर्यावरण को दूषित किया जा रहा हैं । जबकी हरा पेंड काटना कानूनन अपराध हैं तो अंचलाधिकारी के लिए क्यो नही । आगे उन्होंने कहा हैं कि अविलंब इस मामले की जांच कर कारवाई होनी चाहिए । इस मामलें में शीघ्रता नही बरती गई तो जदयू के बैनर तले आम जनता के साथ जदयू कार्यकर्ता भी धरना प्रदर्शन करेंगे ।
आगे उन्होंने कहा है कि रेंजर द्वारा नये दर निर्धारण के लिए वन प्रमण्डल पदाधिकारी बेतिया से मिलने को कहा गया तो इतनी जल्दी क्या थी की बीना नये दर के निर्धारण किये ही सीओ ने पुराने दर पर ही डाक कर दिये हैं ।
वही पुछे जाने पर किसके नाम पर डाक हुआ है और किस डेट में डाक किया गया हैं अंचलाधिकारी द्वारा इसका भी खुलासा नही किया जा रहा हैं ।
जीस पेड को पचासो वर्षो से ग्रामीणों ने संजो कर रखा था । उस हरे पेड का डाक बिना सुचना निकाले औने-पौने दाम पर डाक कर सीओ ने कटवा दिया । फिर इसके विरूद्ध पर्यावरण अधिनियम के तहत प्रसासन कार्यवाही क्यो नही करती । अगर समय रहते प्रसासन कार्रवाई नही की तो अंचलाधिकारी के विरुद्ध जदयू का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या से औगत करायेगा ।




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