माँझी(सारण)। प्रखंड के बगोइयाँ स्थित योगी बाबा मंदिर परिसर में आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ के अंतिम दिन समापन के दिन प्रवचन करते हुए अयोध्या से पधारे संत सियाराम दास जी महाराज ने कहा कि जो जगत के संपूर्ण जड़-चेतन वस्तुओं में नूर बनकर सृष्टि का अस्तित्व कायम करता है वह श्री विष्णु हैं। जिनका संवाहक बनकर साधु-संत पृथ्वी के जीवों की रक्षा करते हैं। विष्णु पुराण का सार समझाते हुये आचार्य श्री ने कहा कि जिन संतों की साधना के बूते चर-अचर विराजमान हैं उनका अपमान सर्वस्व नाश का मूल व सम्मान उत्थान का हेतु है। इन बातों की पुष्टि में महाराज जी ने कहा कि विभीषण, महात्मा विदुर व भक्त ध्रुव आदि संत इसके मिसाल हैं। क्योंकि विभिषण के नजरअंदाजी से लंका व रावण वंश का, विदुर के परित्याग से कौरव कुल व हस्तिनापुर का नाश हो गया। जबकि माता द्वारा अपमानित भक्त प्रहलाद द्वारा हरि ध्यान की मंशा से श्वांस रोकने पर संसार के समस्त जीव-जंतुओं का प्राण रुक गया।प्रवचन के दौरान यज्ञ के संयोजक संत कन्हैया दास जी महाराज के साथ उनके भक्तगण मौजूद रहे।