दैनिक खोज खबर/मढौरा (सारण)। करोड़ों रुपये की लागत से बना पुल और उसका पहुंच पथ पहली ही बारिश नहीं झेल सका। मढौरा प्रखंड के मिर्जापुर-बाजिदपुर के बीच गेहुआं नदी पर बने पुल के पास की सड़क बीती दो रातों में हुई बारिश के बाद कई जगहों से टूटकर बह गई है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।पुल की सुरक्षा के लिए लगाए गए क्रैश बैरियर भी मिट्टी के कटाव के कारण उखड़ गए हैं। स्थानीय लोगों नागेंद्र सिंह, विक्की कुमार, नीरज कुमार आदि लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की घोर अनदेखी की गई है। सड़क के किनारों को मजबूत करने के लिए सही ढंग से पत्थर और मिट्टी का उपयोग नहीं किया गया, जिसका नतीजा यह हुआ कि बरसात की पहली ही बारिश ने ही सड़क की नींव हिला दी।
ग्रामीणों कि मांग है कि समय रहते इसकी मरम्मत कराई जाए, नहीं तो आने वाली बारिश में सड़क का बड़ा हिस्सा बह जाएगा, जिससे पुल पर आवागमन पूरी तरह ठप हो सकता है। ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय टीम से निर्माण कार्य की जांच करा दोषी संवेदक और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि करीब 2.69 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल का निर्माण कार्य तीन वर्षों में पूरा हुआ था, लेकिन पहली बारिश में ही सरकारी धन के दुरुपयोग का यह जीता-जागता उदाहरण सामने आ गया है। आरडब्लूडी के अधिकारी धनंजय कुमार ने बताया कि पहली रैनकट में अप्रोच रोड में थोड़ी नुकसान का अंदेशा रहता है। मामला संज्ञान में आया है, इसे जल्द ही उसको दुरुस्त करा दिया जाएगा।