पुलिस दहसत में चौकीदार के परिजन परेशान

तरवारा के दारोगा जी मांग रहे हैं वीडियो क्लिप ,चौकीदार के परिजन परेशान !

एक पखवारे बाद भी पुलिस पकड़ से बाहर है चौकीदार पिता का हत्यारा कलयुगी पुत्र,दहशत में है परिजन,घर छोड़ जहाँ-तहाँ गुजार रहे है जिंदगी,दूसरे जगह परिजनों ने मनाया ईद
परवेज़ अख्तर/सीवान :
पुलिस निष्क्रियता के कारण एक पखवारे बीत जाने के बाद भी आज तक पकड़ से बाहर है चौकीदार हत्याकांड का नामजद कलयुगी पुत्र।उसके गिरफ्तारी नही होने से परिजन घर छोड़ फरार है।और जहाँ-तहाँ रिश्तेदारी में अपना गुजर-बसर करने को मजबूर है।क्योंकि वह घटना के बाद से आज तक वह खुलेआम इसी इलाके में घूम-घूम कर अपने ही परिवार वालों की और तीन लोगों की निर्मम हत्या करने की बातें बोल रहा है।इस बात की जानकारी पुलिस को रहते हुये भी आना-कानी कर रही है। यहाँ गौर करने की बात तो यह है की जब-जब आरोपित की खबर इलाके में घूमने की बात परिजनों द्वारा हत्या कांड के अनुसंधानकर्ता दारोगा इंद्रदेव महतो से बोली जाती है तो वे परिजनों को डांट कर बोलते है की उसका कोई वीडियो क्लिप है तो पेश करो।यहाँ तक की हत्या कांड को अंजाम देने के दूसरे दिन रात्री में आरोपित पुत्र गांव में आकर घटनास्थल के कुछ ही दुरी पर खूब फायरिंग भी किया और परिजन अनुसंधानकर्ता के पास फोन करते रह गए परंतु वे जान-बुझ कर अंजान बने रहे।तथा सुचना के 10 घण्टे बाद वे तरवारा बाजार से लगभग 5 किलो मीटर की दुरी तय किये।गांव में पहुँचने के बाद ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।तथा उनके प्रति लोगों ने गुस्सा जाहिर भी किया।लेकिन अभी तक उनपर कोई असर नही दिख रहा है।यहाँ बताते चले की जिले के जी.वी नगर थाना क्षेत्र के पचपकड़िया गांव में बीते 24 जून को शुक्रवार की देर रात्रि कलयुगी पुत्र खुर्शीद साई ने अपने ही पिता 55 वर्षीय असगर साई (चौकीदार )की निर्मम हत्या चाकू से गोद-गोद कर डाली थी।चौकीदार की हत्या के बाद गांव में सनसनी फैल गई थी।घटना के बाद में इसकी सूचना मृत चौकीदार का छोटा पुत्र जुनैद साई ने स्थानीय जीबी नगर थाने को दी।पुलिस ने आनन-फानन में मृत चौकीदार का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा था।बतादें की मृत असगर साई जो जिले के जीवी नगर थाना में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे। मृत चौकीदार और उसके बड़े पुत्र खुर्शीद साई के बीच वर्षो से आपसी विवाद चलते आ रहा था।हत्यारा कलयुगी पुत्र खुर्शीद साई एक माह पहले ही विदेश से आया था और पत्नी नाजीनि खातुन के साथ मारपीट किया जिसको लेकर हत्यारे की पत्नी अपने पिता को बुलाकर अपने मायके चली गई उसके बाद पत्नी को बुलाने को लेकर हमेसा पिता और पुत्र के बीच तू-तू मैं-मैं होती थी। खाना पीना खाने के बाद पिता पुत्र के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि कलयुगी पुत्र ने दौड़ाकर पिता को चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई थी। मृतक असगर साई अपने पीछे पत्नी शायदा खातून ,हत्यारा पुत्र के अलावा दो पुत्र जावेद आलम (विक्षिप्त) तथा जुनैद आलम, चार पुत्री क्रमशः शहनाज खातून , अम्बया खातून,समीमा खातून तथा गुलनाज खातून को छोड़ गए है।
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24 जून को हत्या और 25 जून को चलाई दहशत फैलाने के लिये गोली,अनुसंधानकर्ता को चाहिए वीडियो क्लिप!

जिले के जीबी नगर थाना में तैनात असगर साई (चौकीदार) की चाकू से गोद-गोद कर उसके कलयुगी पुत्र खुर्शीद साईं द्वारा 24 जून की देर रात्रि निर्मम हत्या कर दी गई थी।और उसके आरोपित पुत्र 25 जून की रात्रि गांव में आकर खुलेआम घटनास्थल के कुछ ही दुरी पर खूब ललकारते हुए गोली चलाई। जिससे गांव में दहशत का माहौल कायम हो गया था।परिजनों द्वारा सुचना देने के 10 घण्टे बीत जाने के बाद पुलिस गांव में पहुँची।पुलिस द्वारा जाँच में उस समय गोली चलाने की बात भी सामने आई लेकिन अब दर्ज कांड के अनुसंधानकर्ता को गोली चलने वाला वीडियो क्लिप चाहिये।बतादें की पीड़ित परिवार वालों द्वारा पुलिस इस हत्या कांड में कोई तत्काल कारवाई नही करने से कई प्रकार की चिंता सता रही है।

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मरने के बाद की नही हो सकी विधि।

असगर चौकीदार के हत्या कांड के बाद परिजनों द्वारा जो मुस्लिम रीति रिवाज के अंतर्गत विधि होने वाली थी वह नही हो सकी।मरने के चार दिन के बाद जो चहारम की विधि थी वो भी नही हो सका।परिजनों का कहना है की आरोपित खुर्शीद साई इलाके में ही छिपा हुआ है।और अभी तीन निर्मम हत्या करने की बात बोल रहा है।जिसके भय से हम सभी अपने-अपने अलग -अलग रिश्तेदारी में रह कर जीवन गुजार रहे है।इसलिए मरने के बाद की जो विधि है वो सभी हम सभी नही कर पा रहे है।अब सिर्फ मरने के 40 दिन के बाद होने वाली 40 वां का विधि बाकी है।परिजनों का कहना है की हम लोग इस साल दूसरे जगह ईद की नमाज अदा किये।बहरहाल चाहे जो हो चौकीदार के परिजनों का जब ये हाल है तो आम-जनो का क्या हश्र होगा यह तो गर्व् की बात है?
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हत्या कांड के सूचक है अभागिन माँ शायदा खातुन-

चौकीदार असगर साई हत्या कांड के सूचक अभागिन माँ शायदा खातुन है।बतादें की इस कांड में मृतक का बड़ा कलयुगी पुत्र खुर्शीद साई को आरोपित करते हुए करते हुये माँ ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।कांड के सूचक शायदा खातुन का कहना है की मुकदमा के भय से वह मुझे और पिता के जगह पर जिस पुत्र की नौकरी होने वाली है।उसकी हत्या करने की बात वह बोल रहा है।तथा एक पुत्री जो दर्ज कांड में गवाह है।उसकी भी हत्या की बात बोल रहा है।कांड के सूचक शायदा खातुन ने कहा की थाना द्वारा अनुकम्पा में नौकरी के लिये छोटा पुत्र जुनैद आलम की अनुसंसा के लिये कागजी कारवाई भी की जा रही है।
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बेटे के अनुकम्पा में नौकरी को लेकर नही बोल पा रहे है परिजन-

मृत चौकीदार असगर साई के परिजन बेटे जुनैद आलम के अनुकम्पा में नौकरी को लेकर दर्ज कांड के अनुसंधानकर्ता से ज्यादा कुछ बोलने से कतरा रहे है।क्योंकि उनके द्वारा यह भी धमकी दी जा रही है की अगर वरीय पदाधिकारी के पास जाओगे तो तुम लोगों को अनुकम्पा में नौकरी नही करना है क्या!अनुसंधानकर्ता के बातों से परिजनों की और बेचैनी बढ़ गई है।
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क्या कहते है पुलिस पदाधिकारी-

जीबी नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अकील अहमद ने कहा की इस घटना को लेकर मैं अपने स्तर से खुद गिरफ्तारी के फिराक में हूँ।जल्द से जल्द उसकी गिरफ्तारी कर ली जायेगी।हत्या कांड के दूसरे दिन गोली चलाने वाली घटना से मैं काफी परिसान हूँ और इस घटना को गम्भीरता से लेते हुए चुनौती के रूप में स्वीकार किया हूँ।उन्होंने कहा की उसकी गिरफ्तारी के बाद स्प्रिडि ट्रायल के लिये भी आला अधिकारी के पास अनुसंसा की जायेगी।
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