संजय विजित्वर ( हाजीपुर)-कोरोना से ग्रसित मरीज अथवा इससे ठीक हो चुके मरीजों के उपचार के लिए चेस्ट फिजियोथैरेपी बहुत ही लाभदायक है। यह घर ही से किया जा सकता है।घर पर मरीज ठीक हो सकता है -यह कथन हैं शहर के प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर रंजन का जिन्होंने अपने विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि कोविड मरीज को सांस लेने में काफी परेशानी होती है, क्योंकि फेफड़ा संक्रमित हो जाता है । फेफड़ा संक्रमित होने के कारण सांस लेने की क्षमता कमने लगती है। उन्होंने बताया कि आईसीयू में भर्ती मरीज को चेस्ट फिजियो थेरेपी कराने से ऑक्सीजन लेवल बढ़ जाता है। पोस्ट कोविड फिजियोथैरेपी करने का तरीका कई प्रकार के हैं जिसके करने से मरीज को हांफने की परेशानी से छुटकारा मिल सकता है। घर में एक्सरसाइज करने के क्रम में नाक से सांस लेने और छाती के सांस को रोकने की सलाह दी। 20 सेकेंड या 30 सेकेंड धीरे-धीरे मुंह से सांस छोड़ना है।इस एक्सरसाइज को तीन -चार बार किया जा सकता है। दूसरा- मुंह से सांस लें छाती से रोकें फिर छोडें। तीसरा- डायफ्रायमेटिक ब्रीदिंग एक्सरसाइज- इसको करने के लिए सीधे बैठें। एक हाथ छाती पर एक हाथ पेट पर रखें और फिर सांस को फूंक मारते हुए छोड़ें। यह क्रिया दिन में दो बार। चौथा -पर्सलिप ब्रीदिंग एक्सरसाइज- इसमें सांस नाक से लेना है और बाद में मुंह से छोड़ते समय अपने दोनों होंठों को इस तरह रखे जैसे सीटी बजा रहे हों। पांचवा- छाती फुलाना एक्सरसाइज-इसमें गहरी सांस लेना है और छाती में दोनों ओर अपने हाथ से दबाव बनाए रखना है जिससे फेफड़ों की मांसपेशियां मजबूत बनती है। छठा -ताकत लगाकर सांस छोड़ना -इस एक्सरसाइज को करने के लिए बैलून को फुलाने वाला एक्सरसाइज करना या मोमबत्ती को जोर से फूंकने की कोशिश करना चाहिए ।सातवां- स्पायरोमीटर एक्सरसाइज- किसी दवा दुकान से यह यंत्र खरीद कर घर ले आएं और इससे एक्सरसाइज करें ।इस यंत्र में 3 बॉल होते हैं जो एक पाइप के सहारे जुड़ा होता है। पाइप को मुंह से लगाकर सांस अंदर खींचना है। इससे फेफड़े में जमा बलगम भी चेस्ट फिजियोथैरेपी से निकाला जाता है जिससे चेस्ट प्रिकॉशन, चेस्ट वाइब्रेशन, डीप ब्रिडिंग, कफिंग पोस्ट्यूरल ड्रेनेज जैसे विधि से बलगम बाहर निकाला जाता है।सेल्फ प्रोन भेंटीलेशन -यह दिन में 3-4 बार 30-30 मिनट तक पेट के बल सोने से,फिर बायें और दायें करवट सोने से ऑक्सीजन लेवल बढ़ता है।