
सांसद से बैठक में प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर सोनपुर में हितधारकों के साथ बैठक
• जिलाधिकारी का बिहार सरकार के मुख्य सचिव से विमर्श
• गुरुवार को जिलाधिकारी के साथ सांसद रुडी की हुई थी बैठक, मेला आयोजन पर हुआ था गहन विमर्श
• सांसद ने दिया था तर्क कि यदि कुंभ और चार धाम की यात्रा हो सकती है तो सोनपुर मेले का आयोजन भी हो सकता है।
• कुंभ और चार धाम की यात्रा की तरह ही मेला में कोविड नियमों का पालन करवाने की जिम्मेवारी प्रशासन पर परंपरा तोड़े जाने पर लोगों में होगा आक्रोश
सारण, 30 अक्टूबर 2021 । हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन समारोहपूर्वक मेले का उद्घाटन सरकारी स्तर पर किया जाता है। इस इस परंपरा को बनाये रखना चाहिए। कार्तिक पूर्णिमा के दिन मेले की शुरूआत न होना सही कदम नहीं होगा। सारण सांसद सह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने जिलाधिकारी के साथ हुई बैठक में उक्त बाते कही। सांसद ने तर्क देते हुए कहा कि यदि कुंभ और चार धाम की यात्रा हो सकती है तो सोनपुर मेले का आयोजन भी हो सकता है। कुंभ और चार धाम की यात्रा की तरह ही मेला में कोविड नियमों का पालन करवाने की जिम्मेवारी प्रशासन पर है। इस परंपरा को तोड़े जाने पर लोगों में आक्रोश होगा। सांसद के साथ बैठक में प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर जिलाधिकारी ने राज्य के मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण से मेला आयोजन के संदर्भ में विमर्श किया और प्राप्त निर्देशों के अनुसार आज सोनपुर अनुमंडल पदाधिकारी को बैठक के आयोजन के लिए निर्देशित किया। दो बजे हुई सोनपुर अनुमंडल कार्यालय स्थित सभागार में हुई इस बैठक में बैठक में सोनपुर मेला निमित विधि-व्यवस्था एवं मेले के आयोजन से संबंधित बिंदुओं पर गहन विमर्श किया। आगे सांसद रुडी आज हितधारकों के साथ अनुमंडल पदाधिकारी की बैठक में हुए विमर्श और चर्चा को राज्य सरकार के संज्ञान में लाएंगे।
विश्व के सबसे बड़े पशु मेले के आयोजन बनी संशय की स्थिति को देखते हुए सारण सांसद रुडी ने बुधवार को जिलाधिकारी को पत्र भी लिखा था और पुनः अगले दिन जिलाधिकारी के साथ समाहरणालय सभागार में बैठक भी की थी। 28 अक्टूबर की बैठक में उप विकास आयुक्त, एडीएम के साथ ही अन्य वरीय पदाधिकारी भी उपस्थित थे। मेले के आयोजन का मुख्य प्रभार सारण जिलाधिकारी पर ही रहता है इसलिए सांसद रुडी ने जिलाधिकारी से इस संदर्भ में चर्चा की और कहा कि वह राज्य सरकार को इस आशय का पत्र लिखें जिसमें कोविड के नियमों का पालन करते हुए मेले के आयोजन की चर्चा हो। मालूम हो कि हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला के संदर्भ में रुडी ने पहले भी संसद में सवाल उठाकर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया था। आज सोनपुर में आयोजित बैठक में मेला के आयोजन, व्यवसाइयों, श्रद्धालुओं से कोविड नयाचार के पालन कराने के साथ-साथ गंगा स्नान के समय की व्यवस्था पर गहन विमर्श हुआ।
सांसद रुडी ने कहा कि सारण में सोनपुर जैसे चर्चित और पौराणिक मेले के आयोजन की जिम्मेदारी और उसके सही संचालन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी पर होती है। जिस प्रकार से कोविड महामारी के बीच ही हरिद्धार में कुंभ का आयोजन हुआ था उसी प्रकार से कोविड के नियमों का पालन कराते हुए जिलाधिकारी इस मेले का आयोजन कराने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि सोनपुर की इस पावन भूमि को गज ग्राह से जाना जाता है। ग्रंथों के उल्लेख के अनुसार ग्राह ने गज पर हमला किया था। उसको बचाने गरुड़ पर सवार होकर भगवान विष्णु आये। एक समय था जब, यह मेला एशिया के सबसे बड़े पशु मेला के तौर पर जाना जाता था, पर अब इस मेला का आकार दिनों दिन छोटा होता जा रहा है। इस लिए सोनपुर मेले की पौराणिकता को कायम रखने की जिम्मेदारी हम सब की है और सारण के जिलाधिकारी इसकी पहल कर रहे है।




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