मांझी(सारण)। लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश महासचिव केशव सिंह ने आंधी-पानी व ओलावृष्टि के कारण सारण जिले में हुए नुकसान को देखते हुए फसल क्षति पूर्ति योजना का लाभ नही देने के निर्णय पर कड़े शब्दों में विरोध जताते हुए कहा कि राज्य सरकार सारण जिला के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। सरकार अफसर शाही के चंगुल में फंसी हुई है और नीतीश कुमार को जन-प्रतिनिधियों की बातों पर यकीन नही है। उधर अफसर एयर कन्डीशन भवन में बैठ कर वास्तविक स्थिति से अवगत हुए बिना हीं कागज पर रपट भेज रहे हैं।श्री सिंह ने कहा कि सारण जिला में बीस फीसदी गेहूँ की फसल की कटनी एवं दंवनी नही हुई है। वहीं मक्का, मूंग, सब्जी, फल की खेती की गई है। जिसे नुकसान पहुंचा है। वहीं पेड़ों पर आम, लीची एवं जामुन के लगे फलों को भी अत्याधिक बारिश, ओलावृष्टि एवं आंधी से जमकर क्षति हुई है। मांझी विधान सभा क्षेत्र के रेवाड़ी, अशोकनगर, भटकेशरी आदि पंचायतों में खीरा एवं सब्जी की खेती बर्बाद होने से किसानों की कमर टूट गई है। दूसरे तरफ सारण जिला के सरयू,गंडक एवं गंगा के दियारा क्षेत्र में जंगली सुअर, घोड़परास एवं नीलगाय ने जमकर फसलों को बर्बाद किया है। सरकार को चाहिए कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए सारण के किसानों को फसल क्षति-पूर्ति का इनपुट तैयार कर लाभ देना आवश्यक है।
एक दूसरे बयान में केशव सिंह ने कहा है कि बिहार के बाहर जो कामगार और छात्र बाहर फंसे हुए हैं। उनके घर वापसी का गाइड लाइन केंद्र सरकार के मिलने के बाद राज्य सरकार द्वारा जो नोडल अफसर नियुक्त किये हैं वे निकम्मे और निरंकुश अधिकारी हैं। वे अपना मोबाइल नम्बर नॉट रीचेबल कर रखे हैं या बन्द कर दिये हैं। उनके फोन नही लगने के कारण फंसे हुए लोग परेशान हैं।