चयनित विद्यालय में आधुनिक शिक्षा, स्मार्ट क्लास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की होगी व्यवस्था;

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के प्यासे रहने की शिकायत भी उठी


सोनपुर। बिहार सरकार की सात ‘निश्चय-3’ योजना के तहत राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार के 551 आदर्श विद्यालय को लोकार्पण कार्यक्रम का सीधा लाइव प्रसारण किया जिसमें सारण जिले के 20 प्रखंडों में 21 आदर्श विद्यालय का भी लोकार्पण हुआ है।
इसी क्रम में सारण जिले के सोनपुर प्रखंड की भरपुरा पंचायत स्थित केपीएसपी हाई स्कूल (+2), गंगाजल को ‘सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय’ के रूप में नई पहचान मिली। विद्यालय का लोकार्पण बिहार के उपमुख्यमंत्री सह सारण जिला प्रभारी विजेंद्र प्रसाद यादव ने रिमोट के माध्यम से इसका श्री गणेश किया। कार्यक्रम के शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया ।
उपमुख्यमंत्री ने रविवार के  कार्यक्रम में पहुंचने पर सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया, जबकि पुलिस प्रशासन ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें स्वागत किया।
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन बिहार के शिक्षा जगत के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि आदर्श विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि वे प्रत्येक प्रखंड के लिए मॉडल स्कूल बन सकें। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, बेहतर आधारभूत संरचना, आधुनिक लैब, आधुनिक लाइब्रेरी, अनुभवी शिक्षक, तथा प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी, करियर मार्गदर्शन तथा सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी प्रखंडों में 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) शुरू होने से शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू किए गए ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम की भावना को आगे बढ़ाते हुए एनडीए सरकार गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा की मजबूत नींव रख रही है। सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे को डिजिटल शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षक, आधुनिक संसाधन और व्यक्तित्व विकास के समान अवसर मिलें। सोनपुर विधायक विनय कुमार सिंह ने कहा कि आदर्श विद्यालय होने से इन विद्यालयों में शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल, संस्कार और नवाचार से भी जोड़ा जाएगा। भविष्य में सरकारी विद्यालयों को इस स्तर तक विकसित किया जाएगा कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चे भी यहां पढ़ाई के लिए नामांकन कराना पसंद करें।
इस अवसर पर सोनपुर विधायक विनय कुमार सिंह, विधान पार्षद वीरेंद्र नारायण यादव, भाजपा नेता राकेश सिंह, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, जिला शिक्षा पदाधिकारी, एसडीओ, डीएसपी, डीसीएलआर, बीडीओ, अंचल पदाधिकारी, बीपीआरओ, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के प्यासे रहने की शिकायत
उद्घाटन समारोह के दौरान कार्यक्रम अपेक्षा से अधिक देर तक चलने के कारण कुछ विद्यार्थियों के भूखे व प्यास और असुविधा होने की शिकायत सामने आई। कुछ छात्रों ने बताया कि वे पानी पीने की अनुमति मांगते रहे लेकिन वे चटपटाते रहे बाद में कुछ शिक्षकों द्वारा बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था कराई गई।
वहीं, कुछ विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि विद्यालय में विज्ञान (साइंस) और वाणिज्य (कॉमर्स) विषयों के शिक्षकों की कमी है, जिसके कारण उन्हें पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और कई छात्र कोचिंग या ऑनलाइन माध्यम का सहारा लेने को मजबूर हैं।
हालांकि, उद्घाटन के बाद विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल रहा और उपस्थित लोगों ने विद्यालय के आदर्श विद्यालय के रूप में चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया