दैनिक खोज खबर/ छपरा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के बैनर तले आज जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा में सत्र नियमितीकरण, सातवें सेमेस्टर में नामांकन के लिए 7.5सी जी पी ए  की अनिवार्यता समाप्त करने, फीस वृद्धि वापस लेने सहित विभिन्न छात्र हितों की मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना बुधवार को आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से प्रतिवाद मार्च के साथ हुई। मार्च विश्वविद्यालय परिसर से होते हुए प्रशासनिक भवन के समक्ष पहुंचा, जहां छात्र-छात्राएं धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति के नाम ज्ञापन कुलसचिव को सौंपा।

धरने को संबोधित करते हुए आइसा नेता कौशिक ने कहा कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय वर्षों से सत्र विलंब, प्रशासनिक अव्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। कई आंदोलनों और लगातार छात्र संघर्षों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन इन समस्याओं के समाधान में विफल रहा है।

आइसा के सिवान जिला सचिव अनीश कुशवाहा ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के तहत स्नातक के सातवें सेमेस्टर में नामांकन के लिए 7.5 सी जी पी ए  की अनिवार्यता छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा के रास्ते में बाधा बन रही है। इस शर्त को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके।

आइसा के जिला अध्यक्ष प्रिंस पासवान ने कहा कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अधिकांश महाविद्यालयों में आज भी छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की भारी कमी है। कई कॉलेजों के भवन जर्जर स्थिति में हैं तथा छात्रावास वर्षों से बंद पड़े हैं। उन्होंने छात्रावासों को अविलंब चालू करने, सत्र नियमित करने तथा विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांग की।

आइसा के जिला सचिव विकास कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार छात्र हितों की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि सत्र नियमितीकरण, फीस वृद्धि की वापसी और परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रावासों को चालू करना और मूलभूत सुविधाओं को बहाल करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, जिसे तुरंत पूरा किया जाना चाहिए।

धरना के उपरांत आइसा के प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव को 23 सूत्री मांगपत्र सौंपा। धरना कार्यक्रम में सिवान एवं छपरा के आइसा कार्यकर्ता और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से कुणाल विकाश अखिलेश रौशन कालिदास बिट्टू राजलक्ष्मी रिया सितारा सुनील यादव, नौनीत कुमार, रानी कुमारी सहित  अनेक छात्र नेताओं ने भाग लिया।