
मांझी(सारण)। प्रखंड के नंदपुर-सन्यासी बाजार स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर में चल रहे 11 दिवसीय शतचंडी महायज्ञ के चौथे दिन भागवत कथा सुनाते हुए सौरभ कृष्ण शास्त्री उर्फ बमबम जी महाराज ने कहा कि अध्यात्म-योग से हीं मानव का कल्याण सम्भव है। मानव दुख और सुख से मुक्त हो सकता है। मन को हीं जीव के बंधन और मोक्ष का कारण माना गया है। जब मन मैं और मेरेपन के कारण होने वाले काम, लोभ आदि विकारों से मुक्त एवं शुद्ध हो जाता है। उस समय से मन सुख-दुख से छूट कर सम अवस्था मे आ जाता है। विवेकी जन संगत या आसक्ति को हीं आत्मा के बंधन का मुख्य वजह है। परन्तु वही संगत या आसक्ति संत-महात्माओं के प्रति होती है तो मोक्ष का द्वार खुल जाता है।




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