Θ बेतिया – शहर के शहीद स्मारक प्रांगण में राष्ट्रीय आजाद मंच द्वारा भारत रत्न, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के चित्र पर माल्यार्पण कर जयंती समारोह में श्रद्धांजलि अर्पित किया गया

✍न्यूज इनपुट नीरज ठाकुर बेतिया (प.च) बिहार 👉
आज दिनांक 25 दिसंबर 2018 को शहर के शहीद स्मारक प्रांगण में राष्ट्रीय आजाद मंच द्वारा भारत रत्न, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के चित्र पर माल्यार्पण कर जयंती समारोह में श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।कार्यक्रम को राष्ट्रिय आज़ाद मंच के जिलाध्यक्ष शैलेश कुमार दुबे ने महामना पंडित मदनमोहन मालवीय के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रणेता तो थे ही इस युग के आदर्श पुरुष भी थे। वे भारत के पहले और अन्तिम व्यक्ति थे जिन्हें महामना की सम्मानजनक उपाधि से विभूषित किया गया। पत्रकारिता, वकालत, समाज सुधार, मातृ भाषा तथा भारतमाता की सेवा में अपना जीवन अर्पण करने वाले इस महामानव ने जिस विश्वविद्यालय की स्थापना की उसमें उनकी परिकल्पना ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षित करके देश सेवा के लिये तैयार करने की थी जो देश का मस्तक गौरव से ऊँचा कर सकें। मालवीयजी सत्य, ब्रह्मचर्य, व्यायाम, देशभक्ति तथा आत्मत्याग में अद्वितीय थे। इन समस्त आचरणों पर वे केवल उपदेश ही नहीं दिया करते थे अपितु स्वयं उनका पालन भी किया करते थे। वे अपने व्यवहार में सदैव मृदुभाषी रहे। वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंच के जिलाउपाध्यक्ष अनुराग चतुर्वेदी ने कहा कि महामना पंडित मदनमोहन मालवीय अपने हृदय की महानता के कारण सम्पूर्ण भारतवर्ष में ‘महामना’ के नाम से पूज्य मालवीयजी को संसार में सत्य, दया और न्याय पर आधारित सनातन धर्म सर्वाधिक प्रिय था। करुणामय हृदय, भूतानुकम्पा, मनुष्यमात्र में अद्वेष, शरीर, मन और वाणी के संयम, धर्म और देश के लिये सर्वस्व त्याग, उत्साह और धैर्य, नैराश्यपूर्ण परिस्थितियों में भी आत्मविश्वासपूर्वक दूसरों को असम्भव प्रतीत होने वाले कर्मों का संपादन, वेशभूषा और आचार विचार में मालवीयजी भारतीय संस्कृति के प्रतीक तथा ऋषियों के प्राणवान स्मारक थे। मौके पर, छोटू पांडेय,अर्जुन कुमार,अंकित कुमार,मंकेस्वर साह सहित दर्जनों कार्यकर्त्ता मौजूद रहे