ईरान तेज़ नौकाओं का प्रयोग करके शक्ति का प्रदर्शन करना चाहता है। अमेरिका
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ईरान के विरुद्ध अमेरिका की शत्रुतापूर्ण कार्यवाहियां कभी भी बंद नहीं हुई हैं और वह अब भी ईरान को खतरा दर्शाने की चेष्टा में है।
अमेरिका की केन्द्रीय सेना के प्रमुख जनरल जोसेफ़ वोटेल ने दावा किया है कि ईरान क्षेत्र पर वर्चस्व जमाना चाहता है। उन्होंने अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में सशस्त्र सेना की समिति में भाषण देते कहा कि ईरान तेज़ नौकाओं का प्रयोग करके क्षेत्र में शक्ति का प्रदर्शन करना चाहता है।
इस अमेरिकी जनरल ने ईरान विरोधी दावा करते हुए कहा कि परमाणु हथियारों के अलावा ईरान से कई दूसरे खतरे भी हैं।
अमेरिका ने गत तीन दशकों के दौरान ईरान पर परमाणु हथियार प्राप्त करने का प्रयास करने, क्षेत्रीय देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने, आतंकवाद का समर्थन करने और मानवाधिकार के हनन का आरोप लगाया है और अब वह ईरान की प्रक्षेपास्त्रिक क्षमता और समुद्र में उसकी शक्तिशाली उपस्थिति के प्रति चिंता जता रहा है इस प्रकार से कि वह ईरान को क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चुनौती बताने की चेष्टा में है।
सद्दाम द्वारा ईरान पर थोपे गये आठ वर्षीय युद्ध के समय से अमेरिका और उसके घटकों का दबाव तेहरान के विरुद्ध आरंभ हुआ।
इस युद्ध के दौरान अमेरिका ने सद्दाम का न केवल हर प्रकार से शास्त्रिक समर्थन किया बल्कि सद्दाम को रासायनिक हथियार भी दिया, ईरान का आर्थिक परिवेष्टन किया, क्रांति के लक्ष्यों को व्यवहारिक होने से ईरानी जनता को निराश करने का प्रयास किया और चुनावों में ईरानी जनता की भव्य उपस्थिति को महत्वहीन दर्शाने का प्रयास किया और कर रहा है परंतु इन सबके बावजूद वह अपने लक्ष्यों तक न पहुंच सका।
ईरान के विरुद्ध अमेरिका की शत्रुतापूर्ण कार्यवाहियां कभी भी बंद नहीं हुई हैं और वह अब भी ईरान को खतरा दर्शाने की चेष्टा में है।
अलबत्ता विनाशकारी प्रयासों व गतिविधियों से मुकाबले के लिए ईरान के पास आवश्यक अनुभव है।
ईरान ने बारमबार घोषणा की है कि 1982 कंवेन्शन के आधार पर अगर अमेरिका और उसके क्षेत्रीय घटक हुरमुज़ स्ट्रैट से लाभ उठाना और साथ ही ईरान को खतरा बताना चाहते हैं तो उनके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी।
साथ ही ईरान का मानना है कि क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा के लिए पड़ोसी देशों की सहकारिता आवश्यक है।