
संजीत कुमार/सोनपुर: बिहार सरकार के निर्देश पर सारण जिले के सोनपुर अंचल में विशेष भूमि सर्वेक्षण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। भूमि विवाद, मारपीट और कानूनी पचड़ों से भू-स्वामियों को हमेशा के लिए निजात दिलाने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया चलाई जा रही है। सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी दीपू कुमार और कानूनगो संदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि अंचल के विभिन्न राजस्व गांवों में किश्तवार (नक्शा निर्माण) और खानापूरी (विवरण दर्ज करने) के कार्य में काफी तेजी आई है।
इन गांवों में पूरा हुआ कार्य
- खानापूरी पूर्ण: बैजलपुर केशव (65), बैजलपुर केशो (68), बैजलपुर जमुनी (69), महदलीचक (41), लवंगपट्टी (35), सिंकटीया (64) और बैजलपुर फकीर (63) समेत कुल 7 राजस्व गांवों में खानापूरी का काम पूरा हो चुका है।
- किश्तवार पूर्ण: मुर्गियाचक, राजापुर, रसूलपुर, चौसिया, कपूरचक, बनवारीचक और सीधीनपुर सहित 24 गांवों में किश्तवार का कार्य संपन्न हो चुका है।
- किश्तवार जारी: सुल्तानपुर, शेखडुमरी, परमानंदपुर, रहीमपुर और मिल्की समेत 18 गांवों में किश्तवार का काम अभी चल रहा है।
कागजात जमा करने की अपील
त्योहारों के सीजन में दूसरे प्रदेशों से अपने घर लौटे प्रवासी बिहारियों और आम रैयतों से विशेष अपील की गई है कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन के दस्तावेज जल्द से जल्द सोनपुर स्थित सर्वेक्षण शिविर कार्यालय में जमा कराएं।
भू-स्वामियों को निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य रूप से जमा करने होंगे:
- अद्यतन भूमि लगान रसीद (कर रसीद)
- केवाला (दस्तावेज) एवं पुराना खतियान
- स्व-प्रमाणित वंशावली (विशेषकर उन जमीनों के लिए जिनका उत्तराधिकार वर्तमान सदस्यों के नाम दर्ज नहीं है)
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय रहते कागजात और वंशावली का सत्यापन न कराने वाले भू-स्वामी खुद इसके जिम्मेदार होंगे। किसी भी प्रकार की आपत्ति या समस्या के समाधान के लिए रैयत सीधे सर्वेक्षण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। समय पर रिकॉर्ड दुरुस्त होने से भविष्य की कानूनी परेशानियों और अदालती चक्करों से पूरी तरह बचा जा सकता है।




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